धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगी है। मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, खांसी, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। ऐसे में लोग अक्सर अपनी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उन्हें बीमार कर सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं सर्दियों में कौन-सी 7 गलतियों से बचना जरूरी है।
मौसम के हिसाब से कपड़े न पहनना
सर्दियों में सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा होती है। ऐसे में बिना पर्याप्त गर्म कपड़े पहने बाहर निकलना ठीक नहीं है। शरीर को ठंड से बचाने के लिए कपड़ों की कई परतें पहनें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखना जरूरी है।
कम पानी पीने की आदत
ठंड में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है, जिसकी वजह से वे पानी पीना कम कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए ठीक नहीं है। शरीर में पानी की कमी से नाक और गले की अंदरूनी परत सूख सकती है। इसलिए सर्दियों में भी पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें।
हाथों की सफाई को नजरअंदाज करना
सर्दियों में वायरल संक्रमण से बचने के लिए हाथों की सफाई बेहद जरूरी है। बाहर से आने के बाद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो सकता है।
घर में ताजी हवा आने से रोकना
ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर घर की खिड़कियां और दरवाजे पूरे दिन बंद रखते हैं। लेकिन ऐसा करने से कमरों में हवा का आना-जाना कम हो जाता है। इसलिए मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलें, ताकि कमरे में ताजी हवा आ सके।
बीमारी के लक्षणों को हल्के में लेना
लगातार खांसी, छींक, गले में खराश और बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर परेशानी बढ़ रही है या कई दिनों तक ठीक नहीं हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
नींद और खानपान में लापरवाही
सर्दियों में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद और संतुलित खानपान जरूरी है। कम सोना और पौष्टिक भोजन न लेना शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए खाने में फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक चीजें शामिल करें। साथ ही रोजाना पर्याप्त नींद लें।
बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना
सर्दी-खांसी होने पर कई लोग खुद ही दवाइयां और एंटीबायोटिक्स लेना शुरू कर देते हैं। यह आदत नुकसानदायक हो सकती है। आम सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरस के कारण होता है और एंटीबायोटिक्स वायरस पर असर नहीं करती हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स न लें।
इन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत
अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को सर्दियों में खास ध्यान रखना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी टीकाकरण भी करवाएं। याद रखें, ठंड सीधे वायरल संक्रमण पैदा नहीं करती, लेकिन बंद कमरों में रहना और हवा का कम संचार वायरस फैलने की संभावना बढ़ा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप सर्दियों में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।