केंद्र की मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। इसके तहत चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का मौका दिया जाएगा। इस अवधि को पूरा करने और तय शर्तों पर खरा उतरने वाले इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर मिल सकेगा। सरकार के इस फैसले को सेना में सेवा जारी रखने के इच्छुक युवाओं के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
अमित शाह ने जताया आभार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि फिलहाल तीन लाख से अधिक अग्निवीर भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। शाह ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा यानी ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी है।
दो साल और सेवा का विकल्प
अमित शाह के मुताबिक, अब इच्छुक अग्निवीर दो साल और सेना में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। यह अतिरिक्त अवधि उन अग्निवीरों के लिए होगी, जो चार साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके होंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें तय नियमों और शर्तों को पूरा करना होगा। साथ ही, अतिरिक्त सेवा के लिए उनकी सहमति भी जरूरी होगी।
नियमित सैनिक बनने का मौका
सरकार के फैसले के मुताबिक, दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद चयन मानदंडों पर खरे उतरने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यानी अब अग्निवीरों के लिए सेना में लंबे समय तक सेवा जारी रखने का एक और रास्ता खुल सकता है। हालांकि, नियमित भर्ती के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें लागू रहेंगी।
पहले 25 फीसदी को मिलता था मौका
इससे पहले मौजूदा प्रावधानों के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाता था। वहीं, बाकी 75 फीसदी अग्निवीर चार साल की सेवा के बाद सेवामुक्त हो जाते थे। सीडीएस एनएस राजा सुब्रमणि ने भी पहले इस व्यवस्था का जिक्र किया था। नए बदलाव के तहत अब सेवामुक्त होने वाले इस वर्ग को भी दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा।
सेना को आधुनिक बनाने की तैयारी
अमित शाह ने कहा कि इस फैसले से भारतीय सेना को युवा और आधुनिक सैन्य कौशल से लैस बनाने में मदद मिलेगी। उनके मुताबिक, इससे सेना बदलते युद्ध के तौर-तरीकों के लिए और बेहतर तरीके से तैयार हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से सेना को अनुभवी युवा सैनिकों की सेवाएं मिल सकेंगी और अग्निवीरों को भी नियमित सैनिक बनने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।