हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार धन, सेहत और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन शुभ चीजों की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। सोना-चांदी, बर्तन और झाड़ू खरीदने की परंपरा भी काफी पुरानी है।
धनतेरस पर नमक देना माना जाता है अशुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन नमक खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है। कई परिवार इस दिन साबुत नमक या सेंधा नमक खरीदते हैं। माना जाता है कि नमक का संबंध मां लक्ष्मी और घर की बरकत से होता है। इसलिए इस दिन किसी दूसरे व्यक्ति को नमक देने या उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है। लोक मान्यता है कि ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
चाकू और कैंची किसी को न करें गिफ्ट
धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, सुई और अन्य धारदार चीजें किसी को उपहार में देने से बचना चाहिए। हिंदू परंपराओं में इन वस्तुओं को काटने और अलगाव का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन धारदार चीजों का लेनदेन करने से रिश्तों में तनाव और घर की शांति प्रभावित हो सकती है। इसलिए त्योहार पर किसी को गिफ्ट देना हो तो इन चीजों की जगह कोई दूसरी उपयोगी वस्तु खरीद सकते हैं।
घी और तेल देने से भी करें परहेज
धनतेरस पर घी और तेल का भी विशेष महत्व होता है। दिवाली के दौरान दीपक जलाने और पूजा-पाठ में इनका इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घी और तेल को घर की रोशनी, सकारात्मकता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से कुछ परंपराओं में धनतेरस के दिन इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को देने या उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है।
इन तीन चीजों का लेनदेन क्यों माना जाता है अशुभ?
धार्मिक मान्यताओं में नमक, धारदार वस्तुओं और घी-तेल को अलग-अलग प्रतीकों से जोड़कर देखा जाता है। नमक को बरकत, धारदार चीजों को अलगाव और घी-तेल को पूजा व रोशनी से संबंधित माना जाता है। इसी वजह से धनतेरस पर इनका लेनदेन नहीं करने की परंपरा कुछ परिवारों में प्रचलित है। हालांकि, ये धार्मिक और लोक मान्यताएं हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
धनतेरस पर क्या रखें खास ध्यान?
धनतेरस के दिन घर की साफ-सफाई करें और मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर तथा भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा करें। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन या अन्य शुभ वस्तुएं खरीद सकते हैं। किसी को उपहार देना हो तो ऐसी चीज चुनें, जो उपयोगी होने के साथ आपकी परंपराओं के अनुरूप भी हो। त्योहार का असली उद्देश्य घर में खुशियां, प्रेम और सकारात्मकता बनाए रखना है।