Skin Care: लगातार खुजली और जलन को न समझें मामूली एलर्जी, सोरायसिस भी हो सकती है इसकी वजह, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

त्वचा पर खुजली, जलन और लालपन होना आम बात है। कई बार यह समस्या एलर्जी या किसी बाहरी चीज के संपर्क में आने से होती है। लेकिन अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे और इसके लक्षण लगातार बढ़ने लगें तो इसे सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ये लक्षण सोरायसिस जैसी गंभीर स्किन बीमारी के भी हो सकते हैं। इसलिए समय रहते इसकी पहचान करना जरूरी है।

क्या होता है सोरायसिस?

सोरायसिस त्वचा से जुड़ी एक क्रॉनिक बीमारी है, यानी यह लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम त्वचा की कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसके कारण स्किन सेल्स तेजी से बनने लगती हैं और त्वचा पर मोटी, लाल और पपड़ीदार परतें दिखाई देने लगती हैं। इसमें खुजली और जलन की समस्या भी हो सकती है। यह बीमारी संक्रामक नहीं होती, यानी छूने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती।

स्किन एलर्जी और सोरायसिस में क्या है अंतर?

स्किन एलर्जी आमतौर पर किसी एलर्जेन के संपर्क में आने से होती है। इसमें खुजली, लालपन, सूजन और छोटे-छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं। वहीं सोरायसिस में त्वचा पर मोटी और उभरी हुई लाल परतें बनने लगती हैं। इन पर सिल्वर या सफेद रंग की पपड़ी भी दिखाई देती है। एलर्जी के लक्षण कई बार एलर्जेन से दूर रहने पर कम हो जाते हैं, जबकि सोरायसिस लंबे समय तक रह सकता है और बार-बार उभर सकता है।

नाखून, सिर और जोड़ों पर भी दिखता है असर

एक्सपर्ट के मुताबिक, सोरायसिस का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं रहता। यह सिर की त्वचा, नाखूनों और जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों के नाखून मोटे होने लगते हैं या उनमें छोटे-छोटे गड्ढे दिखाई देते हैं। वहीं जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या भी हो सकती है। इसके उलट सामान्य स्किन एलर्जी या रैशेज में आमतौर पर शरीर के इन हिस्सों पर ऐसा असर नहीं दिखता।

सोरायसिस बढ़ने पर हो सकती है गंभीर परेशानी

अगर सोरायसिस को सही समय पर कंट्रोल न किया जाए तो कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकता है। इससे शरीर में सूजन से जुड़ी दूसरी समस्याओं और जोड़ों की बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। संक्रमण और मानसिक तनाव इसके लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। दुर्लभ मामलों में सोरायसिस तेजी से पूरी त्वचा पर फैल सकता है। अगर त्वचा पर अचानक बड़े हिस्से में लालपन, तेज दर्द, बुखार या छाले दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

सोरायसिस से बचाव और लक्षण कम करने के तरीके

सोरायसिस के लक्षणों को कंट्रोल रखने के लिए त्वचा की सही देखभाल जरूरी है। नहाने के बाद अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे। बहुत गर्म पानी से न नहाएं और स्किन को जोर से रगड़ने से बचें। तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें। पर्याप्त नींद लें और खानपान में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और हेल्दी फैट शामिल करें। वजन को नियंत्रित रखना भी फायदेमंद है। ध्यान रखें कि सोरायसिस का सही इलाज त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से ही कराना चाहिए।

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Author: The Hindi Post