Ranji Trophy में चिन्मय सुतार का तूफान, 400 रन के बाद फिर ठोका शतक, 100 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास

रणजी ट्रॉफी में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार का बल्ला लगातार आग उगल रहा है। नागालैंड के खिलाफ ऐतिहासिक 400 रन बनाने के बाद अब उन्होंने मेघालय के खिलाफ भी शानदार शतक जड़ दिया है। 29 वर्षीय सुतार ने नडियाद में खेले गए मुकाबले में 215 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 125 रन बनाए। यह उनका लगातार दूसरा शतक है। अपनी शानदार बल्लेबाजी से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है।

पहली चार पारियों में 659 रन बनाकर बनाया रिकॉर्ड

चिन्मय सुतार ने अपने शुरुआती प्रथम श्रेणी करियर में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने सबका ध्यान खींच लिया है। अपनी पहली चार पारियों में उन्होंने कुल 659 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज विल पॉन्सफोर्ड का लगभग 100 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। पॉन्सफोर्ड ने अपनी पहली चार प्रथम श्रेणी पारियों में 616 रन बनाए थे। सुतार अब इस आंकड़े को पीछे छोड़कर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

नागालैंड के खिलाफ खेली थी 400 रन की ऐतिहासिक पारी

मेघालय के खिलाफ शतक से पहले सुतार ने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और सात छक्के लगाए थे। इस पारी के साथ वह रणजी ट्रॉफी में चौहरा शतक लगाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले महाराष्ट्र के भाऊसाहेब निंबालकर ने 1948-49 के सीजन में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। यह अब भी रणजी ट्रॉफी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

भाऊसाहेब निंबालकर के रिकॉर्ड के करीब पहुंचे सुतार

रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है। सुतार की इस पारी ने उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के खास बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया है। इसके अलावा, वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में 400 रन बनाने वाले दसवें बल्लेबाज भी बने। इस सूची में ब्रायन लारा, डॉन ब्रैडमैन और विल पॉन्सफोर्ड जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। सुतार के लगातार शानदार प्रदर्शन ने उनके करियर को नई पहचान दी है।

मुंबई से मिजोरम पहुंचकर बदली किस्मत

चिन्मय सुतार का क्रिकेट सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वह मुंबई के बल्लेबाज हैं और उन्होंने वहां के प्रतिस्पर्धी स्थानीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। हालांकि, उन्हें मुंबई की लाल गेंद वाली टीम में नियमित मौके नहीं मिल रहे थे। इसके बाद उन्होंने 2026-27 सीजन से पहले मिजोरम का रुख किया। मिजोरम की ओर से उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का मौका मिला और उन्होंने बड़ी पारियां खेलकर इस अवसर का पूरा फायदा उठाया। वह मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं।

शुरुआत में ही दिखा दिया था बल्लेबाजी का दम

सुतार ने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत मणिपुर के खिलाफ 35 और 99 रन की पारियों से की थी। वह 99 रन पर रन आउट हो गए थे और अपने पहले शतक से चूक गए थे। इसके बाद नागालैंड के खिलाफ उन्होंने नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रचा। इस पारी में ललरेमपुइया छकछुआक के साथ उनकी आखिरी विकेट के लिए 190 रन की अटूट साझेदारी भी शामिल थी। अब मेघालय के खिलाफ शतक लगाकर सुतार ने साबित किया है कि उनका शानदार फॉर्म लगातार जारी है।

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Author: The Hindi Post