बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। इस बीमारी में हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे हल्की सी चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है। ऐसे में बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखने के साथ घर को सुरक्षित बनाना भी बेहद जरूरी है। सही खानपान और कुछ छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर गिरने और चोट लगने का खतरा कम किया जा सकता है।
बाथरूम में लगाएं एंटी-स्किड मैट
बुजुर्गों के गिरने की सबसे आम वजहों में फिसलन भी शामिल है। खासकर बाथरूम और गीले फर्श पर पैर फिसलने से कूल्हे, कलाई और कंधे में गंभीर चोट लग सकती है। इससे बचने के लिए बाथरूम और ऐसी जगहों पर एंटी-स्किड मैट लगाएं, जहां फिसलने का खतरा ज्यादा हो। मैट को अच्छी तरह जमाकर रखें, ताकि वह खुद न खिसके। फर्श पर पानी जमा न होने दें और सफाई के बाद उसे जल्द सुखाने की कोशिश करें।
बाथरूम में लगवाएं ग्रैब बार
उम्र बढ़ने के साथ उठने-बैठने और संतुलन बनाए रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में बाथरूम और टॉयलेट में मजबूत ग्रैब बार लगवाना फायदेमंद रहता है। इनकी मदद से बुजुर्गों को बैठने, खड़े होने और चलते समय सहारा मिलता है। ध्यान रखें कि ग्रैब बार दीवार में मजबूती से फिट हों और उनका इस्तेमाल करते समय वे हिलें नहीं। केवल तौलिया टांगने वाली रॉड को सहारे के लिए इस्तेमाल न करें, क्योंकि वह शरीर का वजन संभालने के लिए नहीं बनी होती।
बुजुर्गों का कमरा ग्राउंड फ्लोर पर रखें
अगर घर में 50 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग रहते हैं, तो उनकी सुविधा के लिए कमरा और बाथरूम ग्राउंड फ्लोर पर रखना बेहतर हो सकता है। इससे उन्हें बार-बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और गिरने का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। अगर सीढ़ियों का इस्तेमाल जरूरी हो, तो दोनों तरफ मजबूत रेलिंग लगवाएं। सीढ़ियों पर पर्याप्त रोशनी रखें और हर पायदान को साफ-सुथरा रखें, ताकि चलते समय पैर फिसलने या ठोकर लगने का खतरा न रहे।
रोजमर्रा का सामान रखें पास
दवाएं, पानी की बोतल, चश्मा, फोन और रोज पहनने वाले कपड़े ऐसी जगह रखें, जहां बुजुर्ग आसानी से पहुंच सकें। बार-बार सामान लेने के लिए झुकना, स्टूल पर चढ़ना या ऊंची अलमारी तक हाथ पहुंचाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है। जरूरी चीजें कमर और कंधे के बीच की सुविधाजनक ऊंचाई पर रखें। रात में बिस्तर के पास पानी, फोन और लाइट का इंतजाम भी करें, ताकि अंधेरे में उठते समय उन्हें परेशानी न हो।
फर्श से हटाएं ठोकर लगने वाली चीजें
घर के रास्तों को साफ और खुला रखना बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। फर्श पर बिखरे तार, अखबार, जूते-चप्पल, छोटी दरियां और ढीले मैट गिरने की वजह बन सकते हैं। इसलिए रास्तों से ऐसी चीजें हटा दें और कमरों, गलियारों व बाथरूम में पर्याप्त रोशनी रखें। रात में टॉयलेट तक जाने के रास्ते में नाइट लाइट लगाना भी उपयोगी है।
डाइट और एक्सरसाइज का भी रखें ध्यान
घर को सुरक्षित बनाने के साथ बुजुर्गों की डाइट पर ध्यान देना भी जरूरी है। उनके भोजन में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की एक्सरसाइज, संतुलन सुधारने वाले अभ्यास और नियमित स्वास्थ्य जांच भी फायदेमंद हो सकते हैं। अगर बार-बार गिरने, चक्कर आने या चलने में परेशानी की शिकायत हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। सही देखभाल और सुरक्षित माहौल से बुजुर्गों को ज्यादा सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।