Axar Patel की गेंदबाजी पर उठे सवाल, न्यूजीलैंड के खिलाफ बिगड़ी लय, क्या टी20 टीम से कटेगा पत्ता?

भारतीय स्पिनर अक्षर पटेल इन दिनों अपनी गेंदबाजी से वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। टी20 क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी ताकत सटीक लाइन-लेंथ और रन रोकने की क्षमता रही है। लेकिन हालिया प्रदर्शन में इन खूबियों की कमी नजर आ रही है। न्यूजीलैंड के फिन एलन जैसे बल्लेबाजों के सामने उनकी गेंदबाजी कमजोर दिखाई दी है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए उनकी मौजूदा फॉर्म चिंता का विषय बनती जा रही है।

गेंदबाजी की सटीकता में आई कमी

अक्षर पटेल की सफलता का राज सही जगह पर गेंद डालना और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देना था। वह अपनी गति और गेंद के कोण में बदलाव करके बल्लेबाजों को परेशान करते थे। हालांकि, अब उनकी गेंदें कभी छोटी तो कभी ज्यादा फुल पड़ रही हैं। टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में छोटी-सी गलती भी महंगी साबित होती है। फिन एलन के खिलाफ लगाए गए शानदार छक्के के बाद अक्षर के चेहरे पर निराशा भी साफ नजर आई।

आंकड़ों में भी दिख रहा प्रदर्शन का असर

अक्षर पटेल के आंकड़े उनकी मौजूदा परेशानी की ओर इशारा करते हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, विश्व कप के बाद खेले गए 17 टी20 मैचों में उनका इकोनॉमी रेट 9.1 रन प्रति ओवर रहा है। उनका पुराना इकोनॉमी रेट करीब 7.7 था। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 11.14, वेस्टइंडीज के खिलाफ 12.21 और न्यूजीलैंड के खिलाफ 12.75 रन प्रति ओवर दिए। ये आंकड़े बताते हैं कि बल्लेबाजों को रोकना उनके लिए पहले के मुकाबले मुश्किल हो रहा है।

गति में बदलाव भी नहीं आ रहा काम

अक्षर पटेल की एक खासियत गेंद की रफ्तार में अचानक बदलाव करना रही है। वह लगभग 95 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद डालने के बाद धीमी गेंद से बल्लेबाज को चौंका देते थे। लेकिन अब तेज गेंदों में वह पुरानी धार नजर नहीं आ रही, जबकि धीमी गेंदें भी उतनी असरदार नहीं दिखतीं। फिन एलन और ग्लेन फिलिप्स जैसे आक्रामक बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर रन बनाने के मौके का फायदा उठाया है।

टीम इंडिया के सामने विकल्पों की चुनौती

अक्षर पटेल की भूमिका सिर्फ विकेट लेना नहीं, बल्कि रन गति पर अंकुश लगाना भी रही है। जब वह रन रोकने में नाकाम रहते हैं, तो टीम का गेंदबाजी संतुलन प्रभावित हो सकता है। कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे स्पिनर टीम के पास विकल्प हैं, लेकिन बदलाव करने से बल्लेबाजी की गहराई पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए चयनकर्ताओं को गेंदबाजी के साथ टीम के पूरे संतुलन को ध्यान में रखना होगा।

क्या अक्षर पटेल को मिलेगा एक और मौका?

अक्षर पटेल भारतीय टीम के अनुभवी खिलाड़ी हैं और टी20 विश्व कप विजेता टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। ऐसे में खराब फॉर्म के आधार पर उन्हें तुरंत बाहर करना आसान फैसला नहीं होगा। हालांकि, न्यूजीलैंड सीरीज में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए अहम रहेगा। सवाल यह है कि क्या अक्षर अपनी पुरानी लय हासिल कर पाएंगे या टीम इंडिया किसी नए विकल्प को आजमाएगी? आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन ही इस सवाल का जवाब देने में मदद करेगा।

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Author: The Hindi Post