उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी ने वाराणसी में विधानसभा प्रभारियों और विस्तारकों की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित होगी। इसमें काशी और गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना और चुनाव से पहले तैयारियों की समीक्षा करना है। पार्टी आगामी चुनाव के लिए बूथ स्तर तक अपनी गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
वाराणसी में जुटेंगे 266 पदाधिकारी
इस बैठक में काशी और गोरक्ष प्रांत के करीब 266 विधानसभा विस्तारक और प्रभारी शामिल होंगे। इन दोनों क्षेत्रों में विधानसभा सीटों की संख्या को देखते हुए बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी सभी संबंधित सीटों पर संगठन की स्थिति की समीक्षा करेगी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी का विशेष ध्यान 133 सीटों पर रहने की संभावना है। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी जमीनी तैयारियों का जायजा लेंगे और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में दिशा-निर्देश देंगे।
बीएल संतोष और विनोद तावड़े रहेंगे मौजूद
बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के शामिल होने की जानकारी है। इन नेताओं की मौजूदगी में चुनावी तैयारियों और संगठन की कार्यप्रणाली पर चर्चा होगी। बैठक के दौरान विधानसभा स्तर पर पार्टी की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों की पहचान कर आगे की रणनीति तैयार करने पर भी जोर रहेगा।
बूथ से लेकर सर्वसमाज बैठकों तक फोकस
बीजेपी की इस बैठक का एक प्रमुख एजेंडा शक्ति केंद्रों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क और समन्वय बढ़ाना है। पार्टी की योजना अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संवाद मजबूत करने की भी है। जानकारी के मुताबिक, बीजेपी उत्तर प्रदेश में करीब 43 बिरादरियों के बीच सर्वसमाज बैठकें आयोजित करने पर ध्यान देगी। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की जाएगी। बैठक में इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा होने की संभावना है।
केंद्र और योगी सरकार के कामकाज की समीक्षा
14 अक्टूबर की शाम से शुरू होकर यह बैठक 15 अक्टूबर की शाम तक चलेगी। इसमें कुल छह मुख्य सत्र आयोजित किए जाने की जानकारी है। इन सत्रों में विधानसभा प्रभारियों और संगठन विस्तारकों की भूमिका की समीक्षा होगी। साथ ही केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी चर्चा की जाएगी। चुनाव से जुड़े मुद्दों, संगठन की तैयारियों और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य चुनाव से पहले संगठनात्मक कमियों को पहचानना और उन्हें दूर करना है।
नवंबर से बड़े नेताओं के दौरे की तैयारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के दौरे बढ़ सकते हैं। नवंबर के मध्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बड़े नेताओं के प्रदेश प्रवास शुरू होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पार्टी इन दौरों से पहले संगठन का काम पूरा करने पर जोर दे रही है। हालांकि, इन कार्यक्रमों का अंतिम कार्यक्रम आधिकारिक घोषणाओं पर निर्भर करेगा। वाराणसी की बैठक को इसी व्यापक चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें बूथ प्रबंधन और स्थानीय संगठन की भूमिका अहम होगी।