Arthritis Symptoms: सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न को न करें नजरअंदाज, अर्थराइटिस के हो सकते हैं ये 5 शुरुआती संकेत

अर्थराइटिस यानी गठिया जोड़ों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है, जिसके लक्षण अक्सर धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। शुरुआत में हल्का दर्द, अकड़न या जोड़ों को हिलाने में परेशानी हो सकती है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र, ज्यादा काम करने या एक्सरसाइज के बाद होने वाला सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये समस्याएं बार-बार होने लगें, तो सावधान हो जाना चाहिए। समय पर लक्षणों की पहचान और सही इलाज से दर्द को नियंत्रित करने और रोजमर्रा के काम करने में मदद मिल सकती है।

सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न

सुबह सोकर उठने के बाद जोड़ों में अकड़न महसूस होना अर्थराइटिस का शुरुआती संकेत हो सकता है। इस दौरान हाथों, उंगलियों, घुटनों या दूसरे जोड़ों को हिलाने में परेशानी हो सकती है। कई बार सामान्य महसूस होने में 30 मिनट से एक घंटे तक का समय लग सकता है। हालांकि, सुबह की अकड़न के कई कारण हो सकते हैं। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

रोजमर्रा के कामों में होने लगता है दर्द

सीढ़ियां चढ़ते समय, कुर्सी से उठते हुए, नीचे झुककर सामान उठाने या किसी चीज को पकड़ने में दर्द होना भी अर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। शुरुआत में आराम करने से दर्द कम हो सकता है, लेकिन समय के साथ यह परेशानी बढ़ सकती है। अगर सामान्य गतिविधियों के दौरान बार-बार जोड़ों में दर्द हो रहा है, तो इसे केवल थकान समझकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच कराने से दर्द की वजह पता लगाने में मदद मिलती है।

जोड़ों में सूजन और गर्माहट

अर्थराइटिस होने पर प्रभावित जोड़ों में सूजन आ सकती है। कभी-कभी जोड़ छूने पर गर्म महसूस होता है या उसके आसपास का हिस्सा फूला हुआ दिखाई देता है। बिना किसी चोट के बार-बार सूजन आना एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। अगर जोड़ अचानक लाल, गर्म और बहुत दर्दनाक हो जाए या इसके साथ बुखार भी आए, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों के पीछे संक्रमण जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।

जोड़ मोड़ने और सीधा करने में परेशानी

अगर हाथ ऊपर उठाने, घुटनों के बल बैठने या घुटने को पूरी तरह सीधा करने में परेशानी होने लगे, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। अर्थराइटिस के कारण जोड़ों की गति प्रभावित हो सकती है। समय के साथ अकड़न और दर्द बढ़ने से चलने-फिरने तथा रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा अर्थराइटिस होना नहीं है। सही कारण जानने के लिए विशेषज्ञ की जांच जरूरी है।

समय पर इलाज से मिल सकती है राहत

अर्थराइटिस के लक्षण लगातार बने रहने या बढ़ने पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें। इलाज बीमारी के प्रकार और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। डॉक्टर फिजियोथेरेपी, उचित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखने और जरूरत के अनुसार दवाओं की सलाह दे सकते हैं। गंभीर घुटना अर्थराइटिस में, जब दूसरे इलाज से पर्याप्त राहत न मिले, तो टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी पर विचार किया जा सकता है। इसमें घुटने की क्षतिग्रस्त सतहों को विशेष इम्प्लांट से बदला जाता है। समय पर जांच और सही इलाज से दर्द कम करने तथा चलने-फिरने की क्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post