India को गोल्ड दिलाने वाले विदेशी कोच की सैलरी अटकी, 3 महीने से नहीं मिला पैसा, इस्तीफे की धमकी से मचा हड़कंप

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। भारत ने तीरंदाजी में कई मेडल जीतकर मेडल टैली में चौथे स्थान तक पहुंचने में अहम योगदान दिया। लेकिन इन सफलताओं के पीछे मेहनत करने वाले भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीम के मुख्य कोच डेव कजिन्स खुद परेशान हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कई महीनों से सैलरी नहीं मिली है। लगातार देरी से नाराज होकर उन्होंने नौकरी छोड़ने तक की चेतावनी दे दी। इसके बाद भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के अधिकारियों ने मामले को सुलझाने का भरोसा दिया है।

तीन महीने से सैलरी का इंतजार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व तीरंदाज डेव कजिन्स को भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। उन्होंने इसी साल मई में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, काम शुरू करने के बाद तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिला। लगातार इंतजार करने के बाद उनकी नाराजगी बढ़ गई। आखिरकार उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी दे दी, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

AAI और SAI ने दिया भरोसा

डेव कजिन्स की सैलरी में देरी का मामला सामने आने के बाद भारतीय तीरंदाजी संघ और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया हरकत में आए। रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने जल्द समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया है। इस देरी के पीछे बैंक से जुड़ी तकनीकी समस्या को वजह बताया जा रहा है। हालांकि, कोच को भुगतान कब तक मिलेगा, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।

कभी दुनिया के नंबर-1 तीरंदाज थे कजिन्स

डेव कजिन्स खुद भी अपने समय के बेहतरीन तीरंदाजों में शामिल रहे हैं। 49 वर्षीय अमेरिकी कोच को कंपाउंड आर्चरी का अच्छा अनुभव है। भारतीय टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। ऐसे में उनकी सैलरी में देरी ने खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों की सफलता के पीछे कोच की मेहनत और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण होता है।

भारतीय तीरंदाजों ने जीते शानदार मेडल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपाउंड आर्चरी में भारतीय टीम ने तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। पुरुष, महिला और मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को गोल्ड मेडल मिले। इस प्रदर्शन ने भारतीय तीरंदाजी की ताकत को दिखाया और देश की मेडल टैली में अहम योगदान दिया।

चीन और दक्षिण कोरिया को दी मात

भारतीय तीरंदाजों ने फाइनल मुकाबलों में दमदार खेल दिखाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दो फाइनल में भारतीय टीमों ने चीन को हराया, जबकि एक फाइनल में दक्षिण कोरिया को मात देकर गोल्ड मेडल जीता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन मजबूत टीमों के खिलाफ मिली जीत भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन को दर्शाती है। इन सफलताओं में कोचिंग और रणनीति की भी अहम भूमिका रही।

खिलाड़ियों की जीत, लेकिन कोच परेशान

एक तरफ भारतीय तीरंदाजों की उपलब्धियों का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कोच की सैलरी में देरी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। किसी भी खेल में खिलाड़ियों के साथ कोच का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर भुगतान सुनिश्चित करना खेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि AAI और SAI अपने वादे के मुताबिक डेव कजिन्स की सैलरी का मामला कितनी जल्दी सुलझाते हैं।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post