भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm Payments Bank Limited (PPBL) को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से हटा दिया है। यह फैसला बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद लिया गया है। RBI ने 24 अप्रैल 2026 को Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किया था। इसके बाद बैंक को बंद करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी।
क्यों रद्द हुआ बैंक का लाइसेंस?
RBI के मुताबिक, Paytm Payments Bank के कामकाज और प्रबंधन को लेकर गंभीर नियामकीय चिंताएं थीं। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक की गतिविधियों से जमाकर्ताओं के हित प्रभावित हो रहे थे। साथ ही बैंक लाइसेंस की शर्तों और बैंकिंग नियमों का पालन करने में भी विफल रहा। इसी आधार पर RBI ने लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया।
कार्रवाई की शुरुआत पहले ही हो गई थी
Paytm Payments Bank पर RBI की कार्रवाई अचानक नहीं हुई थी। जनवरी 2024 में केंद्रीय बैंक ने बैंक पर कई कारोबारी प्रतिबंध लगाए थे। मार्च 2024 से कई बैंकिंग सेवाओं पर रोक लागू हुई। ग्राहकों को उपलब्ध पैसा निकालने की अनुमति दी गई, लेकिन नए डिपॉजिट और कई तरह के क्रेडिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी गई थी।
शेड्यूल्ड बैंक का दर्जा क्यों अहम?
शेड्यूल्ड बैंक वे बैंक होते हैं, जिन्हें RBI Act, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल किया जाता है। ऐसे बैंकों को RBI से कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं। इनमें बैंक रेट पर कुछ प्रकार की वित्तीय सुविधा और क्लियरिंग हाउस से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। PPBL को सूची से हटाया जाना उसके बैंकिंग लाइसेंस खत्म होने के बाद की नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा है।
Paytm यूजर्स पर कितना असर पड़ेगा?
Paytm Payments Bank और Paytm ऐप की पेमेंट सेवाएं एक ही चीज नहीं हैं। Paytm की कई सेवाएं दूसरे पार्टनर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए जारी रह सकती हैं। RBI ने पहले ही कहा था कि बैंक में मौजूद ग्राहकों को अपना उपलब्ध बैलेंस निकालने या इस्तेमाल करने की अनुमति रहेगी। इसलिए Paytm ऐप की हर सेवा पर इसका सीधा असर नहीं माना जाना चाहिए।
अब बैंक को बंद करने की प्रक्रिया
लाइसेंस रद्द होने के बाद अब Paytm Payments Bank को बंद करने और जमाकर्ताओं से जुड़े दायित्वों के निपटारे पर जोर है। RBI ने बैंक को बंद करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। जुलाई 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने बैंक को बंद करने का आदेश दिया और आधिकारिक लिक्विडेटर की नियुक्ति की। यानी PPBL का बैंकिंग सफर अब औपचारिक रूप से समाप्ति की ओर है।