Heart Health: अनार से निकला खास पदार्थ दिल की बीमारी में जगा रहा नई उम्मीद, जानिए रिसर्च में क्या सामने आया और कितना है दावा

फलों को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है और अनार भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में शामिल है। अब एक नई रिसर्च में अनार, अखरोट और कुछ खास फलों से जुड़े एक पदार्थ ने दिल की बीमारी के इलाज को लेकर नई उम्मीद जगाई है। इस पदार्थ का नाम यूरोलिथिन ए (Urolithin A) है। किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने इस पर रिसर्च की है। हालांकि, अभी इसके नतीजे इंसानों में साबित नहीं हुए हैं।

दिल की मांसपेशियां क्यों सख्त होती हैं?

रिसर्च में दिल की एक ऐसी स्थिति पर ध्यान दिया गया, जिसमें दिल खून को पंप तो करता है, लेकिन हर धड़कन के बाद ठीक तरह से ढीला नहीं हो पाता। सामान्य स्थिति में दिल को धड़कने के बाद आराम करना जरूरी होता है, ताकि उसमें दोबारा पर्याप्त खून भर सके। लेकिन जब दिल की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे थकान, सांस फूलना और सामान्य गतिविधियों के दौरान परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

यूरोलिथिन ए कैसे करता है काम?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यूरोलिथिन ए शरीर में कुछ खाद्य पदार्थों को खाने के बाद बन सकता है। अनार, अखरोट और कुछ बेरीज को इसके संभावित स्रोतों से जोड़ा गया है। रिसर्च में वैज्ञानिकों ने देखा कि यह पदार्थ दिल और रक्त वाहिकाओं में मौजूद एक खास प्रोटीन को सक्रिय कर सकता है। यह प्रोटीन दिल की मांसपेशियों को बेहतर तरीके से ढीला होने में मदद करने से जुड़ा है। इसी वजह से वैज्ञानिकों ने इसके संभावित इस्तेमाल पर अध्ययन किया।

जानवरों में 80 प्रतिशत तक सुधार

रिसर्च के दौरान जानवरों पर किए गए प्रयोग में यूरोलिथिन ए के इस्तेमाल के बाद दिल के काम से जुड़े कुछ मापों में 80 प्रतिशत तक सुधार देखा गया। इसके अलावा दिल के ऊतकों में बनने वाले नुकसानदायक निशानों में कमी और दिल की मांसपेशियों के जरूरत से ज्यादा मोटा होने में भी सुधार देखा गया। वैज्ञानिकों ने इंसानी कोशिकाओं से प्रयोगशाला में तैयार किए गए हृदय ऊतकों पर भी इसका परीक्षण किया।

इंसानी इलाज के लिए अभी लंबा रास्ता

प्रयोगशाला में तैयार किए गए इंसानी हृदय ऊतकों में भी यूरोलिथिन ए से दिल की मांसपेशियों को बेहतर तरीके से ढीला होने में मदद मिली। इन नतीजों से वैज्ञानिकों को आगे रिसर्च की उम्मीद मिली है। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि यह अध्ययन अभी इंसानों पर इलाज के तौर पर साबित नहीं हुआ है। किसी भी संभावित उपचार की प्रभावशीलता और सुरक्षा जानने के लिए इंसानों पर बड़े स्तर के क्लिनिकल ट्रायल जरूरी होंगे।

सिर्फ अनार खाने से बीमारी ठीक नहीं होगी

इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि दिल की बीमारी से परेशान व्यक्ति केवल अनार, अखरोट या बेरीज खाना शुरू कर दे और बीमारी ठीक हो जाएगी। यूरोलिथिन ए शरीर में कितना बनता है, इसका असर किन लोगों पर होगा और इलाज के रूप में इसकी कितनी भूमिका हो सकती है, यह जानने के लिए आगे अध्ययन जरूरी हैं। इसलिए दिल से जुड़ी बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह और निर्धारित इलाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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Author: The Hindi Post