शाकाहारी डाइट को सेहतमंद माना जाता है, लेकिन सिर्फ सब्जियां और दालें खाना ही पर्याप्त नहीं है। डाइट अगर संतुलित न हो तो शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। खासतौर पर वेजिटेरियन और वेगन लोगों में विटामिन B12, आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना चुनौती बन सकता है।
विटामिन B12 की कमी सबसे आम चिंता
विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी परेशानियां हो सकती हैं। B12 प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में मिलता है, इसलिए पूरी तरह शाकाहारी या वेगन डाइट लेने वालों को फोर्टिफाइड फूड्स पर ध्यान देना पड़ सकता है।
आयरन की कमी से हो सकती है एनीमिया
शाकाहारी भोजन में आयरन के कई अच्छे स्रोत मौजूद हैं, लेकिन शरीर पौधों से मिलने वाले आयरन को पशु स्रोतों की तुलना में अलग तरह से अवशोषित करता है। पर्याप्त आयरन न मिलने पर एनीमिया, चक्कर, थकान और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दाल, चना, राजमा और हरी सब्जियां आयरन के उपयोगी स्रोत हैं।
प्रोटीन और कैल्शियम को नजरअंदाज न करें
पर्याप्त प्रोटीन न मिलने से मांसपेशियों की ताकत और शरीर की रिकवरी प्रभावित हो सकती है। वहीं कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी है। दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं। वेगन लोगों के लिए फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क भी विकल्प हो सकता है।
ओमेगा-3 के लिए बीज और नट्स खाएं
ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के सामान्य हार्ट और ब्रेन फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण है। शाकाहारी लोग अलसी, चिया सीड्स और अखरोट को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। रागी, तिल और अलग-अलग हरी सब्जियां भी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। भोजन में विविधता रखना जरूरी है।
सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह
शाकाहारी या वेगन डाइट लेने का मतलब यह नहीं है कि पोषक तत्वों की कमी होना तय है। सही मात्रा और विविधता वाली डाइट से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि कमी के लक्षण दिखने या किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह होने पर खुद से सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है।