UN में पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर लगाया आतंकवाद का आरोप, जयशंकर ने दिया तीखा जवाब, प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरमा गया माहौल

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का तीखा जवाब दिया। पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पूछा कि भारत सरकार इसे कब बंद करेगी। इस पर जयशंकर ने जवाब देते हुए पाकिस्तान को लेकर कड़ी टिप्पणी की। यह घटनाक्रम 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुआ।

पत्रकार ने आतंकवाद को लेकर पूछा सवाल

यह सवाल उस प्रेस बातचीत के दौरान आया, जिसमें जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यंती शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर बात कर रहे थे। कार्यक्रम का मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा था, लेकिन अंत में पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत-पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद के मुद्दे पर सवाल किया। जयशंकर ने सवाल का तुरंत जवाब दिया।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने भी दिया जवाब

जयशंकर के जवाब के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथानेनी ने भी पत्रकार से कहा कि उसने अपना जवाब स्पष्ट रूप से सुन लिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया और कई समाचार माध्यमों में सामने आया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लंबे समय से कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा रहे हैं।

इससे पहले शहबाज शरीफ से भी पूछा गया सवाल

इस घटनाक्रम से एक दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पत्रकार ने आतंकवाद को लेकर सवाल किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। शहबाज शरीफ ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।

जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा पर भी रखी बात

जयशंकर की प्रेस बातचीत का मुख्य मुद्दा समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा था। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और काला सागर में कमर्शियल जहाजों और व्यापारिक नाविकों पर हमले चिंता का विषय रहे हैं। उन्होंने हिंसा और जानमाल के नुकसान को रोकने की जरूरत पर जोर दिया।

नाविकों की मुश्किलों पर भी बोले विदेश मंत्री

जयशंकर ने कहा कि भारत बड़ी संख्या में नाविक उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है, जबकि लाइबेरिया का दुनिया के बड़े शिपिंग रजिस्टरों में महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने नाविकों की लंबे समय तक समुद्र में रहने, परिवार से दूर रहने, स्वदेश वापसी में देरी और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया। भारत और लाइबेरिया इन मुद्दों पर अन्य देशों और शिपिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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Author: The Hindi Post