White House में आमने-सामने ट्रंप और शी जिनपिंग, व्यापार से AI तक कई मुद्दों पर हुई अहम बातचीत, दुनिया की नजरें बैठक पर टिकीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी की। यह शी जिनपिंग की एक दशक से ज्यादा समय बाद वॉशिंगटन यात्रा है। ट्रंप ने कहा कि वह और शी लंबे समय से संपर्क में हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने अमेरिका-चीन व्यापार को ज्यादा संतुलित बनाने की दिशा में काम करने की बात कही।

व्यापार और तकनीक पर हुई चर्चा

ट्रंप ने कहा कि बैठक में सुरक्षा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पहले से ही महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। हालिया बातचीत में AI सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

शी ने रिश्ते मजबूत करने पर दिया जोर

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका अलग-अलग देश हैं, लेकिन लगातार और स्पष्ट बातचीत के जरिए दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझ सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच संवाद और आपसी विश्वास बढ़ाने की जरूरत बताई। शी ने कहा कि सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच काफी संभावनाएं हैं और प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग भी जरूरी है।

AI को लेकर शी जिनपिंग ने क्या कहा

शी जिनपिंग ने AI के विकास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि AI का इस्तेमाल अच्छे उद्देश्यों के लिए हो और यह मानव नियंत्रण में रहे। उन्होंने चीनी कंपनियों के साथ अमेरिका में निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद जताई। दोनों देशों के बीच AI तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा के साथ सुरक्षा और नियमों पर भी चर्चा हो रही है।

1 लाख युवाओं को चीन बुलाने का ऐलान

शी जिनपिंग ने दोनों देशों के पुराने संबंधों और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने अगले पांच साल में स्टडी एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत 1 लाख युवा अमेरिकियों को चीन आने का निमंत्रण देने की घोषणा की। इसके अलावा अटलांटा चिड़ियाघर में दो पांडा भेजने की बात भी कही गई। पांडा को लंबे समय से चीन की मैत्री कूटनीति का प्रतीक माना जाता है।

दोनों देशों के रिश्तों पर दुनिया की नजर

ट्रंप और शी की बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, AI, तकनीक और दूसरे रणनीतिक मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा जारी है। दोनों पक्षों ने संवाद बनाए रखने और सहयोग की संभावनाएं तलाशने की बात कही है। हालांकि कई मुद्दों पर दोनों देशों के हित अलग हैं, इसलिए आने वाली बातचीत में इन मतभेदों पर भी चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी।

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Author: The Hindi Post