Budget 2027 की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से होंगी अहम बैठकें, सरकार खर्च घटाने और राजस्व बढ़ाने पर देगी जोर

वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए 12 अक्टूबर से बजट-पूर्व बैठकों का दौर शुरू होगा। ये बैठकें 13 नवंबर तक चलेंगी। व्यय विभाग के सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान और अगले वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान पर चर्चा होगी।

मंत्रालयों को 6 अक्टूबर तक जानकारी देनी होगी

वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को जरूरी वित्तीय जानकारी और खर्च से जुड़े प्रस्ताव समय पर जमा करने को कहा है। इसके लिए 6 अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय की गई है। इन आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग मंत्रालयों की जरूरतों और उनके खर्च से जुड़े प्रस्तावों पर बजट-पूर्व बैठकों में चर्चा की जाएगी।

खर्च और योजनाओं पर होगी खास नजर

इस बार बजट तैयार करते समय सरकार का ध्यान सरकारी खर्च को ज्यादा प्रभावी बनाने पर रहेगा। फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने, गैर-कर राजस्व बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए राशि के तर्कसंगत आवंटन पर चर्चा होने की उम्मीद है। अलग-अलग मंत्रालयों से मिले प्रस्तावों को देखते हुए खर्च की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

13 नवंबर तक चलेगा बैठकों का दौर

मंत्रालय के मुताबिक बजट-पूर्व बैठकें करीब एक महीने तक चलेंगी और 13 नवंबर तक पूरी हो जाएंगी। इन बैठकों में वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमानों और 2027-28 के बजट अनुमानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बैठकें पूरी होने के बाद अगले वित्त वर्ष के बजट अनुमानों को अस्थायी रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा।

1 फरवरी को पेश हो सकता है बजट

केंद्रीय बजट 2027-28 को 1 फरवरी 2027 को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। यह नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का चौथा बजट होगा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 10वां बजट पेश करेंगी। अंतिम तारीख और बजट से जुड़े अन्य विवरण आधिकारिक घोषणा के अनुसार तय होंगे।

रोजगार और घरेलू मांग पर भी नजर

अगले वित्त वर्ष के बजट में आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने से जुड़े उपायों पर भी ध्यान रहने की उम्मीद है। रोजगार के नए अवसर पैदा करने और घरेलू मांग को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। बजट-पूर्व बैठकों के जरिए सरकार विभिन्न मंत्रालयों की जरूरतों, खर्च और उपलब्ध संसाधनों का आकलन करेगी। इसके बाद बजट का अंतिम खाका तैयार किया जाएगा।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post