अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, अपराध और तकनीक से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। उन्होंने अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताते हुए अपने प्रशासन के कामों का उल्लेख किया। 81वें सत्र की सामान्य बहस 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को हो रही है।
ईरान पर ट्रंप ने अपनाया सख्त रुख
भाषण में ईरान प्रमुख मुद्दों में रहा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और बातचीत का रास्ता अभी खुला है। उन्होंने ईरान को लेकर कड़े कदमों की बात कही और दूसरे देशों से भी तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का आग्रह किया। ट्रंप ने अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने से जोड़ा।
गाजा को लेकर भी दिया बड़ा बयान
ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गाजा पीस बोर्ड में 30 से ज्यादा देश शामिल हैं और अरब देशों की भी पुनर्निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी है। गाजा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच ट्रंप ने इसे अपने संबोधन का अहम हिस्सा बनाया।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने युद्ध को समाप्त कराने की अपनी कोशिशों का भी उल्लेख किया। हालांकि, युद्ध की अवधि और हताहतों से जुड़े उनके भाषण के आंकड़ों को अलग-अलग स्रोतों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है।
आठ युद्धों को खत्म कराने का दावा
ट्रंप ने अपने संबोधन में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि रिश्तों, व्यापार और टैरिफ जैसे आर्थिक साधनों का इस्तेमाल करके उन्होंने अलग-अलग देशों के बीच संघर्ष कम कराने की कोशिश की। भारत-पाकिस्तान और आर्मेनिया-अजरबैजान का भी उन्होंने उदाहरण दिया। इन दावों को ट्रंप ने अपने भाषण में अपनी उपलब्धियों के तौर पर पेश किया।
26 सितंबर को जयशंकर देंगे भारत का बयान
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक जयशंकर 26 सितंबर 2026 को महासभा को संबोधित करेंगे। भारत की ओर से वैश्विक संघर्षों, बहुपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर देश का पक्ष रखा जाएगा।