निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से दोषमुक्त हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। शुक्रवार को भूपतवाला क्षेत्र में उसकी चाय की दुकान के पास उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट से 2025 में हुआ था दोषमुक्त
सुरेंद्र कोली करीब दो दशक तक जेल में रहा। निठारी मामले में लंबे समय तक चले मुकदमों के बाद 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे दोषमुक्त कर दिया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कई मामलों में उसे बरी कर चुका था। अदालतों में उसके खिलाफ पेश किए गए साक्ष्यों को लेकर सवाल उठे थे। नवंबर 2025 में अंतिम मामले में भी सुप्रीम कोर्ट से दोषमुक्त होने के बाद वह जेल से बाहर आया था।
जेल से बाहर आकर शुरू की थी नई जिंदगी
दोषमुक्त होने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार में रहने लगा था। यहां वह छोटी सी चाय की दुकान चला रहा था और सामान्य जीवन शुरू करने की कोशिश कर रहा था। इससे पहले वह अपने पैतृक गांव मंगरुखाल भी गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, वहां उसका व्यवहार सामान्य था और उसने लोगों से बातचीत भी की थी। अब उसकी अचानक मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
अल्मोड़ा के गांव से दिल्ली तक का सफर
सुरेंद्र कोली मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे ब्लॉक के मंगरुखाल गांव का रहने वाला था। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। रोजगार की तलाश में वह दिल्ली गया था और बाद में निठारी मामले में उसका नाम सामने आया। परिवार के अनुसार, उसके जेल जाने के बाद पत्नी और बच्चों को सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उसकी पत्नी और बच्चों को भी लंबे समय तक मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।
परिवार ने कानूनी लड़ाई में मदद की
सुरेंद्र कोली की कानूनी लड़ाई में अल्मोड़ा क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत समेत कुछ लोगों ने मदद की थी। परिवार के मुताबिक, 2014 में उसे फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए। इसी दौरान उसके परिवार की ओर से कई सवाल अदालत के सामने रखे गए। लंबे समय बाद अदालतों में चली प्रक्रिया का अंत उसकी दोषमुक्ति के साथ हुआ।
मौत की वजह अभी जांच का विषय
सुरेंद्र कोली की मौत के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटनास्थल और परिस्थितियों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। निठारी कांड में उसके खिलाफ चले मुकदमों और बाद में हुई दोषमुक्ति ने मामले की जांच और साक्ष्यों को लेकर पहले ही कई कानूनी सवाल खड़े किए थे। अब उसकी मौत के कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।