सरकार के लगातार उठाए गए कदमों का असर अब चीनी की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत लगातार चौथे दिन 60 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे रही। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार को औसत कीमत 59.57 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक दिन पहले यह 58.99 रुपये थी। हालांकि, त्योहारों के चलते मांग बढ़ने से कुछ इलाकों में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
21 अगस्त के मुकाबले कीमत अभी ज्यादा
चीनी की मौजूदा कीमत भले ही 60 रुपये के स्तर से नीचे आ गई हो, लेकिन यह अभी भी 21 अगस्त की कीमत से ज्यादा है। उस समय औसत खुदरा कीमत 58.23 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसी दिन केंद्र सरकार ने चीनी के आयात की अनुमति दी थी और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए थे। इसके बाद पिछले कुछ दिनों में चीनी के दाम में धीरे-धीरे नरमी देखने को मिली है।
दक्षिण भारत में कीमतों का मिला-जुला रुख
दक्षिणी राज्यों में चीनी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। आंध्र प्रदेश में सोमवार को औसत कीमत बढ़कर 55.56 रुपये प्रति किलो हो गई, जबकि 21 अगस्त को यह 49.58 रुपये थी। कर्नाटक में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर तमिलनाडु और केरल में कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली। देश में चीनी की अधिकतम खुदरा कीमत 85 रुपये और न्यूनतम 40 रुपये प्रति किलो रही।
महाराष्ट्र और यूपी में दाम हुए कम
चीनी उत्पादन वाले प्रमुख राज्यों में कीमतों में राहत देखने को मिली है। महाराष्ट्र में औसत खुदरा कीमत 59 रुपये से घटकर 58.22 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश में चीनी का भाव 59.64 रुपये से घटकर 57.88 रुपये प्रति किलो रह गया। मध्य प्रदेश में गिरावट और ज्यादा रही, जहां कीमत 62.36 रुपये से घटकर 56.57 रुपये प्रति किलो हो गई। पश्चिम बंगाल में भी मामूली कमी दर्ज हुई।
सरकार ने कड़े किए भंडारण नियम
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 21 अगस्त को चीनी के आयात की अनुमति देने के साथ थोक खरीदारों और डीलरों के लिए भंडारण सीमा से जुड़े नियम सख्त किए थे। सरकार का कहना है कि देश में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार मौजूद है। हालांकि, सरकार ने 2025-26 के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया है।
त्योहारों में फिर बढ़ सकते हैं दाम
देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है। ऐसे में उत्पादन अनुमान घटने और त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों पर दोबारा दबाव बन सकता है। फिलहाल सरकारी कदमों से कीमतें 60 रुपये के नीचे बनी हुई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मांग, उत्पादन और सप्लाई के आधार पर चीनी के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।