गणेश चतुर्थी आते ही देशभर में उत्सव का माहौल बन जाता है। सड़कें रंग-बिरंगे पंडालों से सजती हैं और हर तरफ गणपति बप्पा के जयकारे सुनाई देते हैं। महाराष्ट्र को गणेशोत्सव की भव्य परंपरा के लिए खास पहचान मिली है, लेकिन भारत के कई दूसरे हिस्सों में भी यह त्योहार बेहद खास तरीके से मनाया जाता है। अगर आप गणेश चतुर्थी के दौरान यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों का अनुभव यादगार हो सकता है।
मुंबई में लालबागचा राजा का जलवा
मुंबई का गणेशोत्सव देशभर में सबसे ज्यादा चर्चित है। यहां लालबागचा राजा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। साल 1934 से चली आ रही यह परंपरा आज मुंबई के गणेशोत्सव की पहचान बन चुकी है। भक्तों के बीच लालबागचा राजा की विशेष आस्था है। इसके साथ ही प्रभादेवी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर के दर्शन भी श्रद्धालुओं के लिए खास अनुभव होते हैं।
पुणे में दिखती है परंपरा
पुणे का गणेशोत्सव अपनी पुरानी और पारंपरिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। त्योहार के दौरान आसपास की सड़कें रोशनी और सजावट से जगमगा उठती हैं। वहीं महाराष्ट्र का गणपतिपुले भी आध्यात्मिक यात्रा के लिए खास है। यहां स्थित स्वयंभू गणपति मंदिर भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है।
हैदराबाद में विशाल गणपति आकर्षण
हैदराबाद का खैराबाद गणेश अपनी विशाल मूर्ति के लिए खास पहचान रखता है। यहां गणेश चतुर्थी के दौरान भव्य आयोजन देखने को मिलता है। 2026 के लिए आयोजकों के अनुसार 69 फीट ऊंची पंचमुखी संकटाहारा महा गणपति की प्रतिमा तैयार की जाएगी। मूर्ति का विशाल स्वरूप और आसपास का उत्सवी माहौल इसे गणेश चतुर्थी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करता है।
कनिपकम में आध्यात्मिक अनुभव
आंध्र प्रदेश का कनिपकम उन लोगों के लिए खास जगह है, जो गणेश चतुर्थी के साथ आध्यात्मिक यात्रा करना चाहते हैं। यहां स्थित श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर अपनी स्वयं प्रकट गणेश प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर को भगवान गणेश के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यहां भक्त पूजा और दर्शन के साथ शांत धार्मिक माहौल का अनुभव कर सकते हैं।
गोवा में चोवथ का अनोखा रंग
गोवा में गणेश चतुर्थी को स्थानीय रूप से ‘चोवथ’ कहा जाता है। यहां त्योहार का रंग बड़े सार्वजनिक आयोजनों से ज्यादा पारिवारिक परंपराओं में दिखाई देता है। घरों को सजाया जाता है और परिवार के लोग मिलकर पूजा, पारंपरिक भोजन और दूसरे अनुष्ठानों में शामिल होते हैं। गोवा की ‘मटोली’ परंपरा सबसे खास है, जिसमें गणेश जी के ऊपर फलों, सब्जियों और वन उत्पादों से सुंदर सजावटी छत बनाई जाती है।