दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने खतरनाक भवनों, अनधिकृत निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। राजधानी के सभी 12 जोनों में चलाए गए प्रवर्तन अभियान के दौरान 34 भवनों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई। इसके अलावा 17 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। निगम ने 4 ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किए हैं। MCD के मुताबिक, लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली इमारतों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एक दिन पहले भी 17 संपत्तियों पर कार्रवाई
MCD ने इससे एक दिन पहले भी राजधानी में बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। उस दौरान मास्टर प्लान और भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाली 17 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया था और 5 अन्य संपत्तियों को सील किया गया। निगम की टीमें लगातार ऐसी इमारतों की पहचान कर रही हैं, जहां अनधिकृत निर्माण, संपत्ति का गलत इस्तेमाल या जर्जर भवन जैसी समस्या सामने आ रही है।
जामा मस्जिद से द्वारका तक चला अभियान
ताजा कार्रवाई के दौरान जामा मस्जिद इलाके की गली गोंडनी वाली और कूचा चेलन में भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हुई। संपत्ति संख्या 1412 में ग्राउंड फ्लोर की छत के दो पैनल और एक पार्टिशन दीवार को पुलिस की मौजूदगी में तोड़ा गया। बाजार सीताराम में भी अनधिकृत निर्माण हटाया गया। वहीं विकास नगर और सेक्टर-17, द्वारका में खतरनाक घोषित संपत्तियों पर निगम की टीम पहुंची।
राणा प्रताप बाग और मॉडल टाउन में तोड़फोड़
राणा प्रताप बाग की संपत्ति C-1/19 में कार्रवाई के दौरान तीसरी मंजिल की RCC छत के चार पैनल और पहली मंजिल के स्लैब का एक पैनल तोड़ा गया। गैस कटर से सरिया काटा गया और दूसरी मंजिल की ईंट की दीवारें हटाई गईं। मॉडल टाउन के सरदार नगर में संपत्ति D-2A के तीन RCC स्लैब पैनल भी ध्वस्त किए गए। निगम का कहना है कि ऐसी कार्रवाई का मकसद असुरक्षित निर्माण से जुड़े खतरे को कम करना है।
दिल्लीभर में 1,243 PG भवनों की पहचान
खतरनाक इमारतों के साथ MCD अब दिल्ली में चल रहे PG यानी पेइंग गेस्ट आवासीय भवनों का भी व्यापक सर्वे कर रहा है। अब तक करीब 1,243 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां PG की सुविधा चल रही है। इन इमारतों में करीब 24 हजार लोग रह रहे हैं। सर्वे का उद्देश्य इन भवनों का डेटाबेस तैयार करना और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इमारतों को समय रहते चिन्हित करना है।
5 से ज्यादा मंजिलों वाली इमारतों पर खास नजर
MCD खासतौर पर ज्यादा मंजिल वाले PG भवनों की संरचनात्मक स्थिति की जांच कर रहा है। इनमें RCC फ्रेम वाली 5 से अधिक मंजिलों और लोड-बेयरिंग ईंट की दीवारों वाली 4 से अधिक मंजिलों की इमारतें शामिल हैं। सर्वे में भवनों को सुरक्षित, मामूली मरम्मत योग्य, व्यापक मरम्मत वाले और संवेदनशील या खतरनाक वर्गों में रखा जा रहा है। MCD को यह सर्वे 10 सितंबर 2026 तक पूरा करना है। इसके बाद नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा संबंधी खामी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।