देसी घी को अक्सर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने पर इससे जुड़ी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ज्यादा देसी घी खाने से गॉल ब्लैडर यानी पित्त की थैली में पथरी बन सकती है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ घी खाने को गॉल ब्लैडर स्टोन का सीधा कारण नहीं माना जा सकता। पथरी तब बनती है, जब पित्त में मौजूद अलग-अलग पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है। ज्यादातर गॉल ब्लैडर स्टोन कोलेस्ट्रॉल से बने होते हैं।
पथरी बनने में पित्त और कोलेस्ट्रॉल की भूमिका
गॉल ब्लैडर शरीर में पित्त को जमा करके रखता है। यह पित्त खाने में मौजूद फैट को पचाने में मदद करता है। जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा हो जाती है या दूसरे पदार्थों का संतुलन बिगड़ता है, तो छोटे-छोटे कण जमा होकर धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं। इसलिए गॉल ब्लैडर स्टोन को केवल किसी एक खाने की चीज से जोड़ना सही नहीं है। इसके पीछे कई कारण और जोखिम कारक हो सकते हैं।
ज्यादा घी खाना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
देसी घी में सैचुरेटेड फैट और कैलोरी काफी होती हैं। अगर लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा घी और अन्य फैट वाली चीजें खाई जाएं, तो वजन बढ़ने और शरीर में मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। मोटापा और कुछ मेटाबॉलिक स्थितियां गॉल ब्लैडर स्टोन के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए घी को सीधे पथरी का कारण मानने के बजाय संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना बेहतर है।
पहले से स्टोन है तो बढ़ सकता है दर्द
अगर किसी व्यक्ति को पहले से गॉल ब्लैडर में पथरी है, तो ज्यादा फैट वाला खाना परेशानी बढ़ा सकता है। फैटी भोजन खाने के बाद गॉल ब्लैडर सिकुड़ता है और पित्त बाहर निकालता है। इस दौरान पथरी खिसककर पित्त की नली में फंस सकती है। इससे पेट के ऊपरी हिस्से, खासकर दाईं तरफ अचानक तेज दर्द हो सकता है। कुछ लोगों में यह दर्द पीठ या दाहिने कंधे तक भी पहुंच सकता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज या लगातार दर्द हो, बार-बार उल्टी आए, बुखार हो या दर्द पीठ और कंधे तक फैल रहा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। आंखों या त्वचा का पीला पड़ना भी गंभीर संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण पित्त की नली में रुकावट या संक्रमण जैसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। इसलिए इन संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच करवानी चाहिए।
स्टोन होने पर घी से बढ़ सकते हैं लक्षण
एक्सपर्ट्स के अनुसार गॉल ब्लैडर स्टोन डिजीज को एक मेटाबॉलिक समस्या से भी जोड़ा जाता है। केवल ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना या देसी घी खाना इसका सीधा कारण नहीं है। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को पहले से पथरी है, तो घी और दूसरी ज्यादा फैट वाली चीजें खाने के बाद उसके लक्षण बढ़ सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को अपनी डाइट डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए और बार-बार होने वाले दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए।