सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली में पेइंग गेस्ट यानी PG आवासों की सुरक्षा को लेकर MCD ने बड़ा अभियान शुरू किया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम राजधानी में चल रहे अधिकृत और अनधिकृत PG का सर्वे कर रहा है। मंगलवार दोपहर तक 1118 PG की जांच की जा चुकी थी। राहत की बात यह है कि इनमें से किसी को भी खतरनाक श्रेणी में नहीं रखा गया है।
कई PG में मरम्मत की जरूरत
MCD के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, जांच किए गए 1118 PG में से 1080 को सुरक्षित पाया गया है। वहीं 29 PG में मामूली मरम्मत की जरूरत सामने आई है, जबकि 6 PG में बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है। इन PG में 20 हजार से ज्यादा छात्र और अन्य लोग रह रहे हैं। सर्वे दिल्ली के सभी 12 जोन में जारी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुआ सर्वे
सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद PG और दूसरी व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार और MCD को PG का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। अब निगम की टीमें इमारतों की मजबूती, निर्माण स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन की जांच कर रही हैं।
विश्वास नगर में भी पहुंची MCD टीम
सर्वे के दौरान MCD की टीम विश्वास नगर में कई PG की जांच करने पहुंची। कुंती मार्ग पर एक PG में ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिलें मिलीं। हर मंजिल पर तीन कमरे बताए गए और प्रत्येक कमरे में एक छात्र रह रहा था। हालांकि, लिफ्ट के पास बनी करीब डेढ़ फीट चौड़ी संकरी सीढ़ियों को लेकर सुरक्षा पर सवाल जरूर उठे।
दो गर्ल्स PG में नहीं मिली एंट्री
विश्वास नगर की बगीची गली और पटेल नगर गली में MCD की टीम गर्ल्स PG का निरीक्षण करने पहुंची, लेकिन अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। केयरटेकर ने सुरक्षा इंतजाम होने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने इमारत के बाहरी हिस्से का निरीक्षण किया। निगम के मुताबिक, विश्वास नगर में अब तक करीब पांच PG की जांच हो चुकी है।
शकरपुर समेत छात्र इलाकों पर नजर
MCD अब शकरपुर, विश्वास नगर और छात्र बहुल दूसरे इलाकों में भी विशेष अभियान चला रहा है। रेलवे स्टेशन, कोचिंग हब और छात्रों के रहने वाले क्षेत्रों के आसपास मौजूद PG पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अगर कोई इमारत असुरक्षित मिली तो उसे खाली कराने, सील करने या जरूरत पड़ने पर ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
62 इमारतें पहले ही खतरनाक घोषित
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने 62 इमारतों को खतरनाक घोषित किया था। इनमें से 20 पर कार्रवाई हो चुकी है। 16 इमारतों को ध्वस्त किया गया, जबकि 4 को सील किया गया। अब बाकी 42 इमारतों पर कार्रवाई की तैयारी है। MCD के मुताबिक, 30.74 लाख से ज्यादा मकानों का मानसून सर्वे भी पूरा हो चुका है।
नई PG पॉलिसी पर भी हो रहा काम
दिल्ली सरकार PG और कोचिंग संस्थानों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए नई नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसका मकसद PG संचालकों की जिम्मेदारी तय करना और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। फिलहाल शुरुआती सर्वे में कोई PG खतरनाक नहीं मिला है, लेकिन कई जगह मरम्मत की जरूरत जरूर सामने आई है। सर्वे अभी जारी रहेगा।