उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का समय है, लेकिन राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। इस बार लड़ाई सिर्फ रैलियों और भाषणों तक सीमित नहीं दिख रही। सोशल मीडिया पर AI से बनाए गए वीडियो नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे हैं। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच इन वीडियो को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चलाया AI वीडियो
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक AI वीडियो चलाकर बीजेपी पर निशाना साधा। इसके बाद दोनों नेताओं को लेकर विवादित और आपत्तिजनक AI वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि इन वीडियो को कौन बना रहा है और इनके पीछे कौन से सोशल मीडिया अकाउंट काम कर रहे हैं।
‘याद रखेगा UP’ हैंडल पर अखिलेश निशाने पर
इन विवादों के बीच ‘याद रखेगा UP’ नाम का X हैंडल चर्चा में है। इस अकाउंट की शुरुआत जून में हुई थी। यहां लगातार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाकर पोस्ट और AI वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इसी अकाउंट से एक ऐसा AI वीडियो भी पोस्ट हुआ, जिसमें बॉलीवुड के चर्चित गाने की तर्ज पर अखिलेश को लेकर आपत्तिजनक बातें दिखाई गईं। सूत्रों ने इसे बीजेपी समर्थित ग्रुप से जोड़ने का दावा किया है, लेकिन इसका स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
‘क से कलम’ ने योगी पर बनाए AI वीडियो
दूसरा चर्चा में आया X हैंडल ‘क से कलम’ है, जिसकी शुरुआत मार्च में हुई थी। शुरुआत में इस अकाउंट से सरकार और योगी आदित्यनाथ की आलोचना वाली पोस्ट आती थीं। बाद में यहां मुख्यमंत्री योगी को निशाना बनाने वाले AI वीडियो भी शेयर होने लगे। इसी हैंडल से पोस्ट किया गया एक वीडियो अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को इस तरह पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए।
अखिलेश बोले- बच्चों की तरह खेलोगे तो हम भी खेलेंगे
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि आखिर ये सोशल मीडिया हैंडल कौन चला रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बच्चों को काफी पहले लैपटॉप दे दिए थे और वह इन लोगों से काफी आगे हैं। अखिलेश ने साफ संकेत दिया कि AI और सोशल मीडिया की यह लड़ाई आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा बन सकती है। अब बीजेपी भी इस मुद्दे पर खुलकर पलटवार कर रही है।
दोनों पार्टियां दूरी बना रहीं, सवाल अब भी कायम
यूपी बीजेपी ने अखिलेश द्वारा दिखाए गए वीडियो को लेकर आरोप लगाया कि इसमें साधु-संतों और सनातन परंपरा का अपमान किया गया। बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बीजेपी इस स्तर की राजनीति नहीं करती और चुनाव जनता के भरोसे से जीते जाते हैं। दूसरी तरफ, अभी तक ‘याद रखेगा UP’ को बीजेपी और ‘क से कलम’ को सपा के आधिकारिक संगठन से जोड़ने वाला कोई निर्णायक सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है। हालांकि, ‘क से कलम’ के वीडियो समाजवादी पार्टी मीडिया सेल द्वारा शेयर किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में 2027 का चुनाव जमीन के साथ AI की स्क्रीन पर भी लड़ा जाएगा या नहीं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।