मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बोरवेल से जुड़े हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पवई थाना क्षेत्र के नारायणपुरा गांव में महज आठ दिनों के अंदर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। शुक्रवार को 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत हुई। इससे पहले 20 अगस्त को उनके पिता उजागर लाल वर्मन और छोटे भाई अटील वर्मन की जान चली गई थी।
मोटर सुधारने उतरे पिता-बेटे की गई जान
20 अगस्त को उजागर लाल वर्मन और उनके बेटे अटील वर्मन बोरवेल में मोटर ठीक करने के लिए नीचे उतरे थे। इसी दौरान दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताई गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव और आसपास मौजूद खुले व असुरक्षित बोरवेल को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। परिवार का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए।
तीसरी मौत के बाद गांव में पसरा मातम
अब सतीश वर्मन की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही परिवार में आठ दिन के भीतर तीन मौतों से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली घटना के बाद प्रशासन को इलाके में मौजूद असुरक्षित बोरवेल और जलस्रोतों का सर्वे कराना चाहिए था। उनका आरोप है कि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो शायद आगे होने वाले हादसे को रोका जा सकता था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की
ग्रामीणों के मुताबिक, पहली घटना के बाद प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। सरपंच पति मनोज तिवारी ने भी दावा किया कि दो लोगों की मौत के बाद मामले की जांच की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण अब प्रशासन से पूरे मामले की जांच करने और असुरक्षित बोरवेल को लेकर जरूरी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
बोरवेल में सांस लेने में हुई थी परेशानी
मृतक सतीश के भाई ने बताया कि बोरवेल के अंदर नीचे जाने पर उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हुई थी। उन्होंने मुंह में कड़वाहट महसूस होने की बात भी बताई। हालांकि, सतीश की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारण की स्थिति साफ हो सकेगी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
सतीश वर्मन को शुक्रवार शाम पवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत पाया। मामले की सूचना पवई पुलिस को दी गई है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत भदौरिया ने बताया कि सतीश को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।