साउथ अफ्रीका क्रिकेट का चौंकाने वाले नतीजों से पुराना रिश्ता रहा है। वर्ल्ड कप में बारिश से हार, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टाई सेमीफाइनल और 438 रन का ऐतिहासिक रन चेज जैसी घटनाएं इसकी पहचान रही हैं। लेकिन छोटी टीमों के खिलाफ हार भी अब इस टीम की कहानी का हिस्सा बनती जा रही है। पहले नीदरलैंड और अब नामीबिया ने साउथ अफ्रीका को झटका दिया है।
नामीबिया ने फिर किया बड़ा उलटफेर
नामीबिया ने 10 महीने के अंदर दूसरी बार साउथ अफ्रीका को टी20 मुकाबले में हरा दिया। विंडहोक में खेले गए ट्राई-नेशन सीरीज के पहले मैच में नामीबिया ने 18 रन से जीत दर्ज की। यह सीरीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के तहत खेली जा रही है। इसमें मेजबान साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया हिस्सा ले रहे हैं।
नामीबिया ने बनाए 163 रन
मुकाबले में नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 163 रन बनाए। ओपनर यान फ्रीलिंक ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों पर 60 रन बनाए। उनके साथी लॉरेन स्टीनकाम्प ने भी 41 रनों की तेज पारी खेली। इन दोनों के अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। साउथ अफ्रीका के लिए प्रेनेलन सुब्रायन ने तीन विकेट हासिल किए।
ब्रेविस ने जगाई उम्मीद, फिर पलटा मैच
164 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 86 रन तक टीम के पांच विकेट गिर चुके थे। हालांकि विस्फोटक बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस क्रीज पर मौजूद थे और जीत की उम्मीद बनाए हुए थे। लेकिन 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर ब्रेविस आउट हो गए। इसके बाद साउथ अफ्रीका की पारी बिखर गई और टीम 20 ओवर में 145 रन ही बना सकी।
ट्रंपलमैन बने नामीबिया की जीत के हीरो
नामीबिया की जीत में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रूबेन ट्रंपलमैन का अहम योगदान रहा। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 24 रन देकर तीन विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी का शिकार डेवाल्ड ब्रेविस और खतरनाक ओपनर लुआन ड्रि प्रिटोरियस भी बने। ट्रंपलमैन का जन्म साउथ अफ्रीका के डरबन में हुआ था, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने उसी देश के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया।
दोनों टी20 में नामीबिया की जीत
नामीबिया और साउथ अफ्रीका के बीच अब तक सिर्फ दो टी20 मुकाबले खेले गए हैं और हैरानी की बात यह है कि दोनों में नामीबिया विजेता रहा है। टीम ने अक्टूबर 2025 में भी इसी मैदान पर साउथ अफ्रीका को हराया था। इस बार साउथ अफ्रीका ने अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया था और अपेक्षाकृत युवा टीम उतारी थी। हालांकि इस हार ने उसकी बेंच स्ट्रेंथ पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।