मॉरिशस और भारत ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की सप्लाई के लिए लंबे समय का समझौता किया है। मॉरिशस सरकार ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा सप्लाई में आ रही रुकावटों के बीच यह डील मॉरिशस की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए अहम मानी जा रही है। समझौते भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की मॉरिशस यात्रा के दौरान हुए।
पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल शामिल
इस समझौते में रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई शामिल है। इनमें पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी एविएशन फ्यूल प्रमुख हैं। हालांकि दोनों देशों ने अभी यह नहीं बताया है कि कितनी मात्रा में ईंधन की सप्लाई होगी। इसके अलावा कीमत और दूसरी कारोबारी शर्तों की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सरकारी स्तर पर भी बढ़ेगा ऊर्जा सहयोग
इस डील के साथ तेल और गैस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत और मॉरिशस के बीच सरकार-से-सरकार MoU भी हुआ है। इसके अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ खरीद-बिक्री समझौता किया गया है। हरदीप पुरी के मुताबिक मॉरिशस दक्षिण एशिया के बाहर पहला देश है, जिसने किसी भारतीय सरकारी तेल कंपनी के साथ इस तरह का समझौता किया है।
पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई ऊर्जा चिंता
इस समझौते का महत्व पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण और बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। ऐसे माहौल में मॉरिशस भारत से लंबे समय की ईंधन सप्लाई सुनिश्चित करना चाहता है।
फ्यूल के साथ रिन्यूएबल एनर्जी पर भी जोर
भारत और मॉरिशस की ऊर्जा साझेदारी सिर्फ पेट्रोलियम तक सीमित नहीं है। दोनों देश सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। भारत की एक सरकारी कंपनी मॉरिशस में फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। हेनरिएटा में 8 मेगावाट का सोलर प्लांट भी इसी सहयोग का हिस्सा है। दोनों देश इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस के जरिए भी जुड़े हैं।
रणनीतिक रिश्तों को भी मिलेगी नई मजबूती
यह फ्यूल डील दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक रिश्तों का हिस्सा है। मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरिशस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “Enhanced Strategic Partnership” का दर्जा दिया था। इसके बाद समुद्री सुरक्षा, हेल्थकेयर, शिक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ई-बसों के क्षेत्र में भी भारत मॉरिशस की मदद कर रहा है।