ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को लेकर कई गंभीर दावे सामने आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, जहाज पर तैनात करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और कर्मचारी लंबे समय से समुद्र में हैं। लगातार मिशन, युद्ध का तनाव और महीनों तक जमीन से दूर रहने के कारण सैनिकों की मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ने की बात कही जा रही है।
260 दिन से ज्यादा समुद्र में तैनाती
बताया जा रहा है कि USS Abraham Lincoln पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था। शुरुआत में इसका मिशन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में था, लेकिन ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बाद इसे पश्चिम एशिया की ओर भेज दिया गया। इसके बाद से यह अरब सागर और आसपास के इलाकों में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का हिस्सा रहा है। दावा है कि इसकी तैनाती 260 दिन से ज्यादा लंबी हो चुकी है।
सैनिकों के मानसिक तनाव की चर्चा
इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर अब सैनिकों की मानसिक स्थिति पर पड़ने की खबरें हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तनाव से परेशान कुछ नौसैनिकों ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ऐसी खबरों को भ्रामक बताया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, लेकिन सैनिकों के परिवारों और अमेरिकी सांसदों की चिंताओं ने मामले को गंभीर जरूर बना दिया है।
जहाज बना चलता-फिरता शहर
USS Abraham Lincoln को समुद्र में तैरते छोटे शहर जैसा समझा जा सकता है। इसमें हजारों लोग रहते हैं और उनके लिए खाना, पीने का पानी, अस्पताल, जिम, मनोरंजन और दूसरी सुविधाओं की व्यवस्था होती है। जहाज समुद्र के पानी को साफ करके इस्तेमाल योग्य पानी भी तैयार करता है। लेकिन इतनी सुविधाओं के बावजूद महीनों तक एक ही जगह सीमित रहना सैनिकों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
परिवारों ने उठाए सुविधाओं पर सवाल
कुछ रिपोर्टों में सैनिकों के परिवारों की ओर से खाने, साफ-सफाई, गर्म पानी, कपड़े धोने और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियों के आरोप लगाए गए हैं। लगातार इंजन और विमानों का शोर, कम आराम और युद्ध जैसी स्थिति तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि, इन सभी दावों को अमेरिकी सेना की आधिकारिक पुष्टि हासिल नहीं है। इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्टों और आरोपों के तौर पर ही देखना जरूरी है।
क्या ईरान ने अमेरिका को थका दिया?
USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती ने अमेरिकी सैन्य मिशनों की अवधि और सैनिकों की क्षमता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खबरों के मुताबिक, इसकी जगह USS George Washington को भेजने की तैयारी की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो इसका मकसद लंबे समय से तैनात सैनिकों को राहत देना हो सकता है। फिलहाल इतना जरूर है कि ईरान-अमेरिका तनाव ने सैन्य दबाव को बढ़ाया है और इसका असर समुद्र में तैनात अमेरिकी जवानों पर भी चर्चा का विषय बन गया है।