माइग्रेन को अक्सर सामान्य सिरदर्द समझ लिया जाता है, लेकिन इसका असर इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। माइग्रेन के दौरान तेज या धड़कता हुआ सिरदर्द होने के साथ रोजमर्रा के काम, पढ़ाई और आराम करना मुश्किल हो सकता है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण और उनकी तीव्रता अलग हो सकती है। इसलिए बार-बार होने वाले माइग्रेन को सामान्य सिरदर्द मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
मतली से लेकर रोशनी से परेशानी
माइग्रेन के दौरान सिरदर्द के साथ मतली या उल्टी भी हो सकती है। कई लोगों को तेज रोशनी, आवाज, गंध या छूने से परेशानी महसूस होती है। अटैक शुरू होने से पहले भी कुछ संकेत मिल सकते हैं, जैसे मूड में बदलाव, गर्दन में अकड़न, बार-बार उबासी आना, किसी खास खाने की इच्छा होना या सामान्य से ज्यादा पेशाब आना। इन संकेतों को पहचानना माइग्रेन को समझने में मदद कर सकता है।
ऑरा में दिख सकते हैं अलग संकेत
कुछ लोगों को माइग्रेन के साथ ऑरा का अनुभव होता है। इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अलग-अलग आकृतियां दिखाई दे सकती हैं। कुछ मामलों में नजर में बदलाव, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन और बोलने में परेशानी भी हो सकती है। माइग्रेन का अटैक खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों को थकान, कमजोरी या उलझन महसूस हो सकती है।
आराम और दिनचर्या से मिल सकती है राहत
माइग्रेन के लक्षणों को संभालने के लिए पर्याप्त नींद लेना, समय पर खाना और शरीर को पर्याप्त पानी देना जरूरी है। अगर रोशनी या शोर से परेशानी हो रही है तो शांत और कम रोशनी वाली जगह पर आराम करना मददगार हो सकता है। नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि और तनाव को नियंत्रित रखना भी कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
ट्रिगर पहचानने के लिए डायरी बनाएं
माइग्रेन कब और किन परिस्थितियों में होता है, इसका रिकॉर्ड रखना उपयोगी हो सकता है। डायरी में नींद, खान-पान, तनाव और उस समय मौजूद दूसरे लक्षण लिखे जा सकते हैं। इससे संभावित ट्रिगर पहचानने में मदद मिल सकती है। अगर माइग्रेन बार-बार हो रहा है या रोज के काम प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर सही जांच और इलाज कराना जरूरी है।
कुछ लक्षण दिखें तो तुरंत मदद लें
अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, पहले के मुकाबले बिल्कुल अलग हो या तेजी से बढ़ रहा हो, तो मेडिकल सलाह जरूरी है। सिरदर्द के साथ बुखार, गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे, बोलने में परेशानी, नजर में गंभीर बदलाव या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सिर पर चोट लगने के बाद तेज सिरदर्द होने पर भी देरी नहीं करनी चाहिए।