Vaibhav Suryavanshi को मिली बड़ी जिम्मेदारी, उपकप्तान बनते ही मचा बवाल, चयनकर्ताओं के फैसले ने बढ़ाई बहस

दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन टीम में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है। इतनी कम उम्र में यह जिम्मेदारी मिलने के बाद क्रिकेट जगत में इस फैसले पर चर्चा शुरू हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव ने अभी प्रोफेशनल क्रिकेट में ज्यादा अनुभव हासिल नहीं किया है, इसलिए इतनी बड़ी भूमिका देना जल्दबाजी हो सकती है।

चयनकर्ता ने बताई असली वजह

ईस्ट जोन चयन समिति के सदस्य प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि वैभव को कप्तान नहीं बल्कि उपकप्तान बनाया गया है, जबकि टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में होगी। मलिक के मुताबिक, ईशान विकेटकीपर हैं और मैच के दौरान उनकी जिम्मेदारियां ज्यादा रहती हैं। ऐसे में वैभव को नेतृत्व की जिम्मेदारी देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

टीम इंडिया का कप्तान बनने की उम्मीद

प्रवंजन मलिक का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को समय रहते नेतृत्व का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कौन जानता है, आने वाले समय में वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम के कप्तान बन जाएं। चयनकर्ताओं का उद्देश्य उन्हें अभी से जिम्मेदारी संभालने का अनुभव देना है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वैभव बिहार रणजी टीम के उपकप्तान रह चुके हैं और आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं।

टी20 में चमके, रेड बॉल में चुनौती

वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। उनकी आक्रामक शैली की काफी तारीफ होती है। लेकिन लंबे फॉर्मेट यानी रेड बॉल क्रिकेट में उन्हें अभी खुद को साबित करना बाकी है। यही वजह है कि दिलीप ट्रॉफी उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।

फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड चिंता बढ़ाता

अब तक वैभव सूर्यवंशी ने 8 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने सिर्फ 207 रन बनाए हैं और उनका बल्लेबाजी औसत 17.25 रहा है। उनके नाम केवल एक अर्धशतक दर्ज है। आंकड़े बताते हैं कि लंबी पारी खेलने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की दिशा में उन्हें अभी काफी मेहनत करनी होगी।

दिलीप ट्रॉफी होगी बड़ी परीक्षा

दिलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी के साथ वैभव पर सभी की नजरें रहेंगी। यह टूर्नामेंट उनके लिए सिर्फ नेतृत्व ही नहीं, बल्कि रेड बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी साबित करने का भी सुनहरा मौका होगा। अगर वह इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भविष्य में भारतीय क्रिकेट में उनकी दावेदारी और मजबूत हो सकती है।

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Author: The Hindi Post