Commonwealth Games 2026: बिंदियारानी देवी ने जीता लगातार दूसरा मेडल, ग्लासगो में कांस्य जीतकर भारत का बढ़ाया गौरव

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 58 किलोग्राम कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ग्लासगो में हुए इस मुकाबले में उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर देश को टूर्नामेंट का छठा मेडल दिलाया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा मेडल है। इससे पहले 2022 में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दम

बिंदियारानी ने स्नैच राउंड में पहले 83 किलो, फिर 85 किलो और तीसरे प्रयास में 87 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में 110 किलो उठाने में वह सफल नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 112 किलो वजन उठाया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।

रिकॉर्ड के साथ गोल्ड

इस मुकाबले में नाइजीरिया की आरएफ लवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 229 किलो वजन उठाया और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं कनाडा की तेश्चेरो ने सिल्वर मेडल हासिल किया। बिंदियारानी ने तीसरे स्थान पर रहते हुए भारत के लिए एक और पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

संघर्ष से सफलता तक

1999 में जन्मी बिंदियारानी देवी मणिपुर की उसी वेटलिफ्टिंग अकादमी से निकली हैं, जहां से ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने भी अपने करियर की शुरुआत की थी। साल 2021 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 55 किलो वर्ग के क्लीन एंड जर्क में टोक्यो ओलंपिक चैंपियन को हराकर गोल्ड मेडल जीतकर पहली बड़ी पहचान बनाई थी।

कभी जूते खरीदने के पैसे नहीं थे

बिंदियारानी का सफर आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी था जब उनके पास प्रोफेशनल वेटलिफ्टिंग शूज खरीदने तक के पैसे नहीं थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और लगातार अपनी फिटनेस व प्रदर्शन पर काम करती रहीं। आज उनकी मेहनत का नतीजा पूरी दुनिया देख रही है।

मीराबाई बनीं प्रेरणा

बिंदियारानी हमेशा से मीराबाई चानू को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने बताया था कि शुरुआती दिनों में मीराबाई ने उन्हें ट्रेनिंग से लेकर हर छोटी-बड़ी चीज़ में मदद की। जब उन्हें पता चला कि बिंदियारानी के पास लिफ्टिंग शूज खरीदने के पैसे नहीं हैं, तो उन्होंने खुद उन्हें जूते खरीदकर दिए। यही सहयोग और प्रेरणा आज बिंदियारानी की सफलता की बड़ी वजह मानी जाती है।

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Author: The Hindi Post