भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों अपने प्रदर्शन के साथ-साथ खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर भी चर्चा में है। हाल के मैचों में हार के बाद टीम पहले ही आलोचनाओं का सामना कर रही थी। अब एक और खिलाड़ी के चोटिल होने से टीम मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में चोट का शिकार हो गए।
मैच के दौरान लगी चोट
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 219 रन का बड़ा स्कोर बनाया। इसके बाद गेंदबाजी में प्रिंस यादव ने शानदार शुरुआत की और दो अहम विकेट हासिल किए। उन्होंने जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को आउट किया, लेकिन इसी के तुरंत बाद अगली गेंद डालने के लिए दौड़ते समय उनके पैर में तेज दर्द उठा और वह रन-अप के बीच में ही रुक गए।
ओवर छोड़ लौटे ड्रेसिंग रूम
चोट लगने के बाद प्रिंस यादव काफी दर्द में दिखाई दिए। वह अपना ओवर पूरा नहीं कर सके और मैदान छोड़कर सीधे ड्रेसिंग रूम लौट गए। उनके अधूरे ओवर की बची हुई चार गेंदें शिवम दुबे ने फेंकी। प्रिंस इस मैच में सिर्फ आठ गेंदें ही डाल सके, जिससे उनकी चोट को लेकर चिंता और बढ़ गई।
लगातार बढ़ रही खिलाड़ियों की चोटें
पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय टीम के कई खिलाड़ी चोटिल हुए हैं। प्रिंस यादव से पहले तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी चोट के कारण टीम से बाहर हो चुके हैं। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम की तैयारियों और संतुलन पर असर पड़ रहा है।
फिटनेस पर उठने लगे सवाल
प्रिंस यादव का अंतरराष्ट्रीय करियर अभी करीब 40 दिन पुराना है और उन्होंने सिर्फ नौ मुकाबले खेले हैं। इतने कम समय में हैमस्ट्रिंग जैसी चोट लगने के बाद उनकी फिटनेस और खिलाड़ियों की मेडिकल तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। इससे बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की कार्यप्रणाली भी चर्चा में आ गई है।
BCCI के लिए बढ़ी चुनौती
लगातार बढ़ती चोटों ने बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। हाल की रिपोर्टों में भी बताया गया था कि बोर्ड खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर गंभीर है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम इंडिया को मजबूत संयोजन बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।