दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के बाद मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं को लेकर अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कई जगह कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसके बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज किए गए।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इन एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी काम में बाधा, पुलिस पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल किए हैं। हालांकि, पुलिस अभी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
सबसे अहम संसद मार्ग की FIR
सबसे गंभीर मामला संसद मार्ग थाने में दर्ज एफआईआर को माना जा रहा है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति भीड़ जुटाई गई, सरकारी आदेशों का उल्लंघन हुआ, पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का यह भी दावा है कि पूरी घटना की साजिश रची गई थी, जिसकी जांच जारी है।
अभी तक कोई नामजद नहीं
इन सभी एफआईआर की सबसे खास बात यह है कि फिलहाल किसी भी आरोपी का नाम दर्ज नहीं किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत ऐसा तब होता है जब पुलिस के पास घटना की जानकारी होती है, लेकिन आरोपियों की पहचान पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर लोगों की पहचान की जाएगी।
किन थानों में दर्ज हुए केस?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कुल 10 एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज हुई हैं। इनमें संसद मार्ग थाने में 4, कनॉट प्लेस में 3 और मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड तथा कर्तव्य पथ थाने में 1-1 मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और सबूत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
क्यों हुआ था CJP प्रदर्शन?
CJP का प्रदर्शन NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं का कहना है कि पेपर लीक ने लाखों उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित किया है। वहीं पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान तय शर्तों का उल्लंघन हुआ, बैरिकेड तोड़े गए और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। अब पूरे मामले की जांच जारी है।