इंग्लैंड के वनडे कप में 19 साल के बल्लेबाज जैक होप-बेल ने शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्लेमॉर्गन की ओर से खेलते हुए उन्होंने ससेक्स के खिलाफ 118 गेंदों में 123 रन बनाए। उनकी इस बेहतरीन पारी ने मुश्किल में फंसी टीम को संभाल लिया और बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
54 रन पर बिखर गई थी टीम
ग्लेमॉर्गन की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सिर्फ 54 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। दोनों ओपनर एडी बायरोम और कैलम निकोलस सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद हेनरी हर्ले, विल स्मेल और डेन डाउथवेट भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम जल्द ही सिमट जाएगी।
240 रन की रिकॉर्ड साझेदारी
मुश्किल समय में जैक होप-बेल और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स हॉर्टन ने पारी संभाली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 240 रन की शानदार साझेदारी की। हॉर्टन ने भी 122 रन बनाए। दोनों बल्लेबाज आखिरी ओवर तक डटे रहे और अपनी-अपनी शानदार सेंचुरी पूरी की। खास बात यह रही कि दोनों के करियर का यह पहला लिस्ट-ए शतक था।
295 रन तक पहुंची ग्लेमॉर्गन
बेल और हॉर्टन की शानदार बल्लेबाजी के दम पर ग्लेमॉर्गन ने 50 ओवर में 295 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। आखिरी ओवर में टीम ने तीन विकेट जरूर गंवाए, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो स्कोर 300 रन के पार जा सकता था। मुश्किल हालात से टीम की यह वापसी काफी शानदार रही।
फिन प्रिंटिस की घातक गेंदबाजी
ससेक्स के तेज गेंदबाज फिन हडसन-प्रिंटिस ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी करते हुए ग्लेमॉर्गन के तीन अहम विकेट जल्दी गिरा दिए। उन्होंने पूरे मैच में 5 विकेट हासिल किए। हालांकि अंतिम ओवरों में बेल और हॉर्टन ने उन पर भी रन बनाए, जिससे उन्होंने अपने 10 ओवर में 62 रन खर्च किए। टोबी मंट ने 2 और डॉमिनिक गुडमैन ने 1 विकेट लिया।
ससेक्स की पारी का हाल
खबर लिखे जाने तक ससेक्स ने 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन उसके चार विकेट गिर चुके थे। टॉम प्राइस ने अर्धशतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की। वहीं ग्लेमॉर्गन के डेन डाउथवेट ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटक लिए थे। मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था।