Health Tips: त्वचा पर दिख रहे हैं ये 4 बदलाव? हो सकते हैं लिवर खराब होने के शुरुआती संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

लिवर शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है। यह शरीर से जहरीले पदार्थ बाहर निकालने, भोजन पचाने और जरूरी पोषक तत्वों को प्रोसेस करने का काम करता है। लेकिन खराब खानपान, मोटापा, फैटी लिवर, ज्यादा शराब और कुछ वायरल संक्रमणों की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार यह समस्या लंबे समय तक बिना किसी बड़े लक्षण के भी बढ़ती रहती है।

त्वचा पर दिख सकते हैं शुरुआती संकेत

जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो इसका असर सबसे पहले त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। त्वचा और आंखों का पीला पड़ना यानी पीलिया इसका प्रमुख संकेत माना जाता है। इसके अलावा बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार खुजली होना भी लिवर की बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

इन बदलावों को न करें नजरअंदाज

लिवर खराब होने पर शरीर में खून जमाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में हल्की चोट लगने पर भी त्वचा पर जल्दी नीले या काले निशान पड़ सकते हैं। वहीं कुछ लोगों की त्वचा पर मकड़ी के जाले जैसे छोटे-छोटे लाल निशान दिखाई देते हैं, जिन्हें स्पाइडर एंजियोमा कहा जाता है। ऐसे बदलाव भी लिवर की बीमारी का संकेत हो सकते हैं।

ये लक्षण भी देते हैं चेतावनी

त्वचा में बदलाव के अलावा लगातार थकान, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, पेट दर्द, पेट या पैरों में सूजन, गहरे रंग का पेशाब और हल्के रंग का मल भी लिवर की बीमारी के संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में बिना वजह वजन कम होना या भ्रम जैसी समस्या भी देखने को मिल सकती है। ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

लिवर को ऐसे रखें स्वस्थ

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन करें। तली-भुनी और ज्यादा प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाएं। रोजाना एक्सरसाइज करें, वजन नियंत्रित रखें और शराब के सेवन से बचें। बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक कोई दवा न लें। जरूरत पड़ने पर हेपेटाइटिस का टीका भी लगवाना फायदेमंद हो सकता है।

समय पर जांच है सबसे जरूरी

अगर त्वचा या शरीर में ऊपर बताए गए बदलाव लगातार दिखाई दें, तो खुद इलाज करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच और सही इलाज से लिवर की गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। शुरुआती संकेतों को पहचानना ही बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।

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Author: The Hindi Post