Ukraine के पास कार्गो जहाज पर हमला, 4 भारतीयों की मौत, भारत का कड़ा विरोध, समुद्री सुरक्षा पर सवाल

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए वाणिज्यिक मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। इस घटना में एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। हादसे के समय जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय भी शामिल थे। इस घटना ने भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है।

भारत ने जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जा रही है।

समुद्री सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद ब्लैक सी क्षेत्र में आम नागरिकों के जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इस समुद्री क्षेत्र में पहले भी कई सुरक्षा चिंताएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप

यूक्रेन ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर रूस को जिम्मेदार ठहराया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री का दावा है कि रूस ने यूक्रेनी समुद्री कॉरिडोर में चल रहे एक नागरिक कार्गो जहाज को निशाना बनाया। उनके अनुसार जहाज पर भारत और सीरिया के नागरिक सवार थे। यूक्रेन का कहना है कि इस हमले में एक यूक्रेनी मरीन पायलट और चार भारतीय क्रू सदस्य मारे गए।

ग्लोबल व्यापार पर असर की चिंता

यूक्रेन ने कहा कि यह हमला केवल एक जहाज पर नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता पर भी हमला है। यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूस अपने सैन्य अभियानों में नागरिकों की सुरक्षा की परवाह नहीं कर रहा। हालांकि रूस की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग

यूक्रेन ने कहा है कि वह इस मामले को इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) और अपने सहयोगी देशों के सामने उठाएगा। कीव ने रूस के खिलाफ कड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई और नए प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है। इस बीच भारत ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे हमलों से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि निर्दोष नागरिकों की जान सुरक्षित रह सके।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post