भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स में मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की ओर से प्रस्तावित नए नियम लागू किए जाएंगे। इन बदलावों का मकसद खेल को और स्पष्ट, निष्पक्ष और आधुनिक बनाना है। नए नियम मैच संचालन से लेकर खिलाड़ियों के व्यवहार तक कई पहलुओं को प्रभावित करेंगे।
आखिरी ओवर का नियम बदला
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा कराया जाएगा। पहले अगर आखिरी ओवर के दौरान कोई विकेट गिर जाता था तो कई बार उसी समय दिन का खेल खत्म कर दिया जाता था। लेकिन नए नियम के अनुसार अब नया बल्लेबाज मैदान पर आएगा और आखिरी गेंद तक खेल जारी रहेगा। इससे खेल में निरंतरता बनी रहेगी।
कोच को मिलेगी मैदान में एंट्री
वनडे मैचों के दौरान अब ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच को मैदान पर जाने की अनुमति होगी। इससे कोच सीधे खिलाड़ियों से बातचीत कर सकेंगे और मैच के दौरान जरूरी रणनीति साझा कर पाएंगे। माना जा रहा है कि इससे टीमों को बेहतर फैसले लेने और मैच की स्थिति के अनुसार योजना बनाने में मदद मिलेगी।
बल्लेबाजी और डेड बॉल नियम
अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर कम रन लेता है, तो अब फील्डिंग टीम का कप्तान तय कर सकेगा कि अगली गेंद का सामना कौन-सा बल्लेबाज करेगा। इसके अलावा डेड बॉल का नियम भी बदला गया है। अब गेंद को डेड मानने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के पास होना जरूरी नहीं होगा। यदि गेंद किसी फील्डर के हाथ में है या मैदान पर पूरी तरह नियंत्रण में है, तो उसे डेड बॉल माना जा सकता है।
वाइड और फील्डिंग में बदलाव
वनडे और टी20 क्रिकेट में लेग साइड वाइड को लेकर नई गाइडलाइंस लागू की जाएंगी, जिससे अंपायरों के फैसलों में एकरूपता आएगी। इसके साथ ही गेंद फेंके जाने के समय सभी फील्डरों का बाउंड्री के अंदर होना अनिवार्य होगा। यह नियम खेल को और व्यवस्थित बनाने के लिए लागू किया जा रहा है।
विकेटकीपर को भी राहत
नए नियमों के तहत विकेटकीपर को भी बड़ी राहत मिली है। अब रन-अप के दौरान अगर विकेटकीपर अपने दस्ताने आगे रखता है, तो उस पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। BCCI का मानना है कि इन नए नियमों से घरेलू क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय मानकों के और करीब पहुंचेगा। आने वाले समय में खिलाड़ी और अंपायर इन्हीं नियमों के अनुसार खेलते नजर आएंगे।