20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होना है, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सत्ता पक्ष ने संसद की रणनीति तैयार करने के लिए अहम बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में हुई इस बैठक में कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए। सरकार का फोकस इस बार कई बड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने पर है।
कई अहम बिलों पर नजर
सरकार जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करना चाहती है, उनमें परिसीमन, महिला आरक्षण, ‘एक देश, एक चुनाव’ और कुछ संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन विषयों पर संसद में तीखी बहस हो सकती है। हालांकि, कौन-से विधेयक इस सत्र में पेश होंगे, इसकी आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं हुई है।
परिसीमन पर बढ़ेगी बहस
परिसीमन का मुद्दा इस बार सबसे अहम माना जा रहा है। इसके तहत लोकसभा सीटों के नए सिरे से निर्धारण की प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ना चाहती है। इन मुद्दों का असर भविष्य की राजनीति और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
संख्या बल पर सरकार की नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार संसद में अपने संख्या बल को मजबूत मान रही है। एनडीए के पास पहले से बहुमत है और कुछ विपक्षी सांसदों के समर्थन की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। ऐसे में संसद के भीतर संख्या बल भी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
विपक्ष ने भी बनाई रणनीति
विपक्ष ने भी मानसून सत्र के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के दल बेरोजगारी, महंगाई, नीट पेपर लीक, एफसीआरए संशोधन और खाद्य सुरक्षा कानून जैसे मुद्दे उठाने की तैयारी में हैं। परिसीमन और ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे प्रस्तावों का विरोध भी विपक्ष के एजेंडे में शामिल है।
सत्र में दिख सकता है जोरदार टकराव
19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक के बाद मानसून सत्र की तस्वीर और साफ होगी। माना जा रहा है कि इस बार संसद में सिर्फ विधेयकों पर ही नहीं, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक रणनीति, संख्या बल और बड़े फैसलों को लेकर भी जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है। इसलिए यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है।