देशभर में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से खेती-किसानी पर असर दिखने लगा है। केंद्र सरकार के अनुसार, 372 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 68 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 जुलाई तक व्यापक बारिश की संभावना कम है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
दिल्ली और उत्तर भारत का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलेगी। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में केवल छिटपुट बारिश के आसार हैं।
पूर्वी राज्यों में बरसेंगे बादल
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
खेती पर पड़ा बड़ा असर
कमजोर मानसून का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक करीब एक करोड़ हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुआई हुई है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है।
20 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 20 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में नई मौसमी गतिविधियां बनने की संभावना है। इससे मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खेती की स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है।