England vs Argentina: सिर्फ़ फुटबॉल नहीं, युद्ध, बदला और ‘भगवान के हाथ’ की कहानी, फिर आमने-सामने दो पुराने जानी दुश्मन

2026 फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टक्कर सिर्फ़ एक फुटबॉल मैच नहीं मानी जा रही। इन दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी है, जिसमें युद्ध, विवाद और कई यादगार मुकाबले जुड़े हैं। यही वजह है कि इस मुकाबले को दुनिया के सबसे भावनात्मक मैचों में गिना जाता है।

फ़ॉकलैंड युद्ध से बढ़ी कड़वाहट

1982 में फ़ॉकलैंड (माल्वीनास) द्वीपों को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच 74 दिन तक युद्ध हुआ। अर्जेंटीना ने पहले कब्ज़ा किया, लेकिन ब्रिटेन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए द्वीप वापस ले लिए। इस युद्ध में सैकड़ों सैनिक मारे गए और अर्जेंटीना को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और ज़्यादा खराब हो गए।

1966 से शुरू हुई फुटबॉल की तकरार

दोनों देशों के बीच विवाद सिर्फ़ युद्ध तक सीमित नहीं रहा। 1966 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रत्तीन को रेफरी ने मैदान से बाहर भेज दिया था। इंग्लैंड ने वह मैच जीता और बाद में पहली बार वर्ल्ड कप भी अपने नाम किया। अर्जेंटीना के कई लोग आज भी मानते हैं कि उस मुकाबले में उनके साथ अन्याय हुआ था।

माराडोना और ‘भगवान का हाथ’

1986 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें फिर भिड़ीं। अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना ने एक विवादित गोल किया, जिसमें उन्होंने हाथ से गेंद को गोल में पहुंचाया। रेफरी ने गोल मान लिया। बाद में माराडोना ने इसे “हैंड ऑफ गॉड” यानी “भगवान का हाथ” बताया। इसी मैच में उन्होंने एक शानदार गोल भी किया, जिसे फुटबॉल इतिहास के सबसे बेहतरीन गोलों में गिना जाता है। अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत दर्ज की और बाद में विश्व कप भी जीत लिया।

मुकाबले जारी, तनाव बरकरार

1998 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड को हराया, जबकि 2002 में इंग्लैंड ने जीत हासिल की। इसके बाद दोनों टीमें लंबे समय तक वर्ल्ड कप में आमने-सामने नहीं आईं। लेकिन पुराने मुकाबलों और युद्ध की यादें आज भी दोनों देशों के प्रशंसकों के बीच ज़िंदा हैं।

सेमीफाइनल से बढ़ीं उम्मीदें

अब 2026 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दोनों टीमें फिर आमने-सामने हैं। इस मुकाबले में सिर्फ़ फाइनल का टिकट दांव पर नहीं होगा, बल्कि इतिहास, सम्मान और पुरानी प्रतिद्वंद्विता भी साथ मैदान पर उतरेगी। यही कारण है कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नज़र इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई है।

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Author: The Hindi Post