इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हारने के बाद टीम इंग्लैंड पहुंची, लेकिन वहां भी पहले चार मुकाबलों में से तीन हारकर सीरीज गंवा दी। पहला मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है, जो लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे।
वैभव पर उठने लगे सवाल
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी से फैंस को काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने टूर्नामेंट में 72 छक्के लगाए थे और ऑरेंज कैप भी जीती थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बाद लगातार तीन मैचों में रन नहीं बनने से सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना होने लगी। कई लोगों ने उनकी बल्लेबाजी और टीम में चयन तक पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
विराट की भी शुरुआत आसान नहीं थी
हालांकि, इतिहास बताता है कि हर बड़ा खिलाड़ी शुरुआत में सफल नहीं होता। विराट कोहली ने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। पहले वनडे में उन्होंने 12 रन बनाए, दूसरे मैच में 37 और तीसरे मुकाबले में 25 रन ही बना सके। आज विराट के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतक हैं, लेकिन शुरुआती पारियों में उनका प्रदर्शन भी साधारण ही रहा था।
रोहित ने भी किया संघर्ष
रोहित शर्मा की शुरुआती अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी आसान नहीं रही। अपने पहले वनडे में वह केवल 8 रन बना सके। हालांकि, टी20 में उन्होंने नाबाद 50 रन की पारी खेली, लेकिन अगली पारी में फिर सिर्फ 8 रन बनाए। शुरुआती वर्षों में रोहित लगातार संघर्ष करते रहे। साल 2013 में ओपनर बनने के बाद उनके करियर ने नई उड़ान भरी और वह दुनिया के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
युवा खिलाड़ी को चाहिए समय
वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 साल के हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका यह शुरुआती दौर है। तीन मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी की प्रतिभा पर सवाल उठाना जल्दबाजी हो सकती है। टीम प्रबंधन ने उन्हें उनकी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर मौका दिया है। ऐसे में उन्हें सीखने, अनुभव हासिल करने और खुद को साबित करने का पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
अब आखिरी मैच पर नजर
सीरीज भले ही भारत के हाथ से निकल चुकी हो, लेकिन आखिरी टी20 मुकाबला वैभव सूर्यवंशी के लिए खुद को साबित करने का अच्छा मौका हो सकता है। क्रिकेट में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव भी आलोचनाओं का जवाब अपने बल्ले से दे पाते हैं।