इज़रायल ने अमेरिका के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई साजिश तैयार की थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है और इसे ऐसे समय साझा किया गया है, जब ईरान और इज़रायल के बीच तनाव और युद्धविराम को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी पक्ष ने नहीं की है।
इसी सप्ताह अमेरिका को मिली चेतावनी
मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इज़रायल ने यह खुफिया चेतावनी इसी सप्ताह अमेरिका को दी। एक सूत्र के अनुसार, साझा की गई जानकारी किसी सामान्य खतरे से अलग थी और इसमें ट्रंप के खिलाफ कथित नई साजिश का जिक्र किया गया। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इस सूचना को गंभीरता से लिया है और संबंधित इनपुट की जांच की जा रही है।
पहले भी मिल रही थीं खुफिया सूचनाएं
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों को पिछले कुछ हफ्तों से ट्रंप की सुरक्षा से जुड़ी कई खुफिया जानकारियां मिल रही थीं। इनमें संभावित हमले या हत्या की योजनाओं का जिक्र था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इज़रायल की ओर से मिली ताजा जानकारी पहले मिली सूचनाओं से अलग और एक विशेष कथित साजिश से जुड़ी हुई थी, इसलिए इसे अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों ने जताया अलग अंदेशा
कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इज़रायल की ओर से साझा की गई इस जानकारी के पीछे रणनीतिक कारण भी हो सकते हैं। उनका कहना है कि यह संभव है कि इज़रायल अमेरिका पर ईरान के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपनाने का दबाव बनाना चाहता हो। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसे केवल कुछ अधिकारियों की राय बताया गया है।
ईरान पर फैसले के बीच बढ़ी चर्चा
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर विचार कर रहे हैं। ऐसे में इज़रायल से मिली यह खुफिया जानकारी राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सूचनाएं भविष्य की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं।
आधिकारिक पुष्टि का अब भी इंतजार
फिलहाल अमेरिका, इज़रायल या ईरान की ओर से इस कथित साजिश को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट पूरी तरह सूत्रों के हवाले से सामने आई है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यदि संबंधित देशों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।