भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। अब पारंपरिक चाय के साथ जापानी ग्रीन टी माचा भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। हाल ही में असम माचा का कमर्शियल प्रोडक्शन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। हालांकि, इसे हेल्दी मानकर बिना सोचे-समझे रोज पीना सही नहीं है।
हर किसी को नहीं करती सूट
डाइट एक्सपर्ट डॉ. ऋचा शर्मा के अनुसार, माचा हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं होती। इसमें सिर्फ चाय का पानी नहीं, बल्कि पूरी चाय की पत्ती का बारीक पाउडर इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसमें कैफीन और दूसरे सक्रिय तत्व सामान्य ग्रीन टी के मुकाबले ज्यादा हो सकते हैं, जिससे कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।
कैफीन बढ़ा सकती है दिक्कत
अगर चाय या कॉफी पीने के बाद घबराहट, हाथ कांपना, बेचैनी, एसिडिटी, दिल की धड़कन तेज होना या नींद न आने जैसी समस्या होती है, तो माचा से भी यही दिक्कत बढ़ सकती है। ऐसे लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और कोशिश करें कि इसे सुबह या दोपहर तक ही पिएं।
नींद पर पड़ सकता है असर
माचा में एल-थीनिन (L-theanine) मौजूद होता है, जो फोकस बढ़ाने और मन को शांत रखने में मदद करता है। लेकिन इसमें कैफीन भी होता है। अगर इसे शाम या रात के समय पिया जाए, तो संवेदनशील लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि इसे दिन के शुरुआती समय में ही लिया जाए।
आयरन की कमी वालों के लिए सावधानी
अगर शरीर में आयरन की कमी है या एनीमिया की समस्या है, तो माचा को भोजन के साथ नहीं पीना चाहिए। इसमें मौजूद कैटेचिन आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इसलिए आयरन बढ़ाने की कोशिश कर रहे लोग माचा और खाने के बीच कुछ समय का अंतर जरूर रखें।
इन लोगों को डॉक्टर से लें सलाह
गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली मां, दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या वाले लोग या नियमित दवाएं लेने वाले व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के रोज माचा पीना शुरू न करें। माचा हेल्दी ड्रिंक हो सकती है, लेकिन तभी जब यह आपकी सेहत और शरीर की जरूरतों के मुताबिक हो।