Stroke Prevention: बोलने में दिक्कत या हाथ-पैर में कमजोरी? हो सकता है Mini Stroke, तुरंत पहुंचें अस्पताल

कुछ देर के लिए बोलने में दिक्कत, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी, चेहरे का टेढ़ा होना या धुंधला दिखना जैसे लक्षण अगर अपने आप ठीक हो जाएं, तब भी इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह मिनी स्ट्रोक या Transient Ischemic Attack (TIA) हो सकता है। इसमें कुछ समय के लिए मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। लक्षण भले ही कुछ मिनटों में खत्म हो जाएं, लेकिन यह भविष्य में बड़े स्ट्रोक की चेतावनी हो सकती है।

किन लक्षणों पर तुरंत सतर्क हों?

अगर अचानक चेहरा एक तरफ झुक जाए, एक हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो, बोलने या दूसरों की बात समझने में परेशानी हो, आंखों से धुंधला दिखे, चक्कर आए या संतुलन बिगड़ जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना किसी वजह के तेज सिरदर्द भी इसका संकेत हो सकता है। लक्षण कुछ मिनट में ठीक होने पर भी अस्पताल जाना जरूरी है।

किन लोगों में खतरा ज्यादा?

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन करने वाले लोगों में TIA का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा हृदय रोग, अनियमित धड़कन, 55 साल से अधिक उम्र और परिवार में स्ट्रोक का इतिहास होने पर भी जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए।

Golden Hour क्यों जरूरी है?

स्ट्रोक के इलाज में हर मिनट बेहद अहम होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने से ऐसी दवाएं और इलाज दिए जा सकते हैं जो दिमाग को गंभीर नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए लक्षण दिखने पर इंतजार करने, घरेलू नुस्खे अपनाने या खुद ठीक होने का इंतजार करने की गलती नहीं करनी चाहिए।

अस्पताल में कौन-सी जांच होती है?

यदि डॉक्टर को TIA का संदेह होता है तो सबसे पहले न्यूरोलॉजिकल जांच की जाती है। इसके बाद जरूरत के अनुसार MRI, CT स्कैन, कैरोटिड डॉप्लर, ECG, इकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट किए जा सकते हैं। इन जांचों से स्ट्रोक का कारण पता चलता है और आगे होने वाले बड़े स्ट्रोक के खतरे को कम करने की योजना बनाई जाती है।

बचाव के आसान उपाय

मिनी स्ट्रोक और बड़े स्ट्रोक से बचने के लिए ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना सबसे जरूरी है। रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, संतुलित भोजन लें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं नियमित लें। जिन लोगों को पहले TIA हो चुका है, उन्हें फॉलो-अप में लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

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Author: The Hindi Post