आजकल लोग हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट में पोषक तत्वों पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इन्हीं में ओमेगा-3 फैटी एसिड एक बेहद जरूरी हेल्दी फैट है। हमारा शरीर इसे पर्याप्त मात्रा में खुद नहीं बना पाता, इसलिए इसकी जरूरत खाने-पीने की चीजों से पूरी करनी पड़ती है। अगर डाइट में इसकी कमी हो जाए, तो शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता।
दिल, दिमाग और आंखों का साथी
ओमेगा-3 शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के सामान्य कामकाज में मदद करता है। यह दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने, दिमाग के सामान्य विकास और याददाश्त को सहारा देने में अहम माना जाता है। इसके अलावा आंखों की सेहत बनाए रखने में भी इसकी भूमिका होती है। शरीर में सूजन को नियंत्रित रखने में भी यह मददगार माना जाता है।
प्रेग्नेंसी में भी है अहम
विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान भी ओमेगा-3 काफी जरूरी माना जाता है। यह गर्भ में पल रहे शिशु के सामान्य विकास में मदद करता है। हालांकि यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन संतुलित भोजन का हिस्सा बनने पर शरीर को कई तरह से फायदे पहुंचा सकता है। इसलिए रोजमर्रा की डाइट में इसकी सही मात्रा शामिल करना जरूरी है।
कमी के संकेत पहचानें
अगर शरीर में ओमेगा-3 की कमी हो जाए, तो कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं। जैसे त्वचा का रूखा होना, बालों का कमजोर होना, जल्दी थकान महसूस होना या ध्यान लगाने में परेशानी। कुछ लोगों को आंखों में सूखापन या जोड़ों में असहजता भी महसूस हो सकती है। हालांकि ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक परेशानी रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
किन चीजों में मिलता है ओमेगा-3?
ओमेगा-3 की जरूरत पूरी करने के लिए फैटी मछली, अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। ये प्राकृतिक स्रोत शरीर को जरूरी फैटी एसिड देने में मदद करते हैं। संतुलित भोजन के साथ इन चीजों का नियमित सेवन बेहतर माना जाता है।
सप्लीमेंट लेने से पहले सावधानी
अगर खाने से पर्याप्त ओमेगा-3 नहीं मिल रहा है, तो कई लोग सप्लीमेंट लेने का सोचते हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं या किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं। सही खानपान, नियमित व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ ओमेगा-3 का सेवन करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।