Ram Mandir चढ़ावा चोरी जांच के बीच बड़ा एक्शन, 17 साल से जमे RMO अर्जुन देव का तबादला, बढ़ीं मुश्किलें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पिछले करीब 17 सालों से अयोध्या में तैनात रेडियो मेंटेनेंस अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, उनका ट्रांसफर पहले भी हुआ था, लेकिन प्रभावशाली लोगों से करीबी के कारण वह रुक गया था। अब उन्हें अंडर ट्रांसफर गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया है।

सीसीटीवी निगरानी की थी जिम्मेदारी

राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी अर्जुन देव के जिम्मे थी। उनके पास मंदिर परिसर में लगे करीब 1600 सीसीटीवी कैमरों और वायरलेस सिस्टम की जिम्मेदारी थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद कथित तौर पर करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी कैसे होती रही।

SIT रिपोर्ट में उठे सवाल

विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में अर्जुन देव की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों से ज्यादा मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में सक्रिय रहते थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या फिर किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।

ट्रस्ट के कामों में भी दखल

सूत्रों के अनुसार, अर्जुन देव का दखल सिर्फ तकनीकी जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं था। बताया जा रहा है कि वह वीवीआईपी दर्शन की व्यवस्था से लेकर मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। इसी वजह से उनकी कार्यशैली और अधिकार क्षेत्र को लेकर भी जांच की जा रही है।

17 साल तक कैसे रुका तबादला?

अर्जुन देव वर्ष 2009 से अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान उनका कई बार ट्रांसफर हुआ, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से वह रुक गया। हाल ही में भी उनका तबादला रद्द होने की चर्चा रही। बताया जा रहा है कि मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से करीबी संबंधों के कारण उन्हें लंबे समय तक अयोध्या में बने रहने का फायदा मिला।

अब बढ़ सकती हैं मुश्किलें

जानकारी के मुताबिक, एसआईटी अर्जुन देव से पूछताछ भी कर चुकी है। अब उनकी जिम्मेदारियों, अधिकारों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के साथ संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल उनका ट्रांसफर हो गया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस सकता है। ऐसे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Author: The Hindi Post