अमेरिका ने नागरिकता आवेदन की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो नागरिकता के लिए 760 डॉलर की जगह 1330 डॉलर चुकाने होंगे। हालांकि जो लोग अमेरिकी नागरिक बनना चाहते हैं, उनके लिए यह बढ़ी हुई फीस भी बड़ी बाधा नहीं मानी जा रही है।
जन्म से मिल जाती है नागरिकता
अमेरिका में जन्म लेने वाले ज्यादातर बच्चों को जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। यह नियम अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों पर लागू होता है। हालांकि विदेशी राजनयिकों के बच्चों जैसे कुछ मामलों में यह नियम लागू नहीं होता।
माता-पिता से भी मिल सकती है नागरिकता
अगर किसी बच्चे का जन्म विदेश में हुआ है, लेकिन उसके माता-पिता में से एक या दोनों अमेरिकी नागरिक हैं, तो उसे भी जन्म के समय अमेरिकी नागरिकता मिल सकती है। हालांकि इसके लिए माता-पिता की अमेरिका में रहने की अवधि और कुछ अन्य कानूनी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं।
ग्रीन कार्ड से नागरिक बनने का रास्ता
प्राकृतिककरण यानी नेचुरलाइजेशन अमेरिकी नागरिकता पाने का सबसे आम तरीका है। इसके लिए व्यक्ति के पास ग्रीन कार्ड होना जरूरी है। साथ ही उसे एक निश्चित समय तक अमेरिका में रहना, अंग्रेजी का बुनियादी ज्ञान और नागरिकता परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद शपथ लेकर वह अमेरिकी नागरिक बन सकता है।
शादी से आसान हो सकती है प्रक्रिया
अमेरिकी नागरिक से शादी करने पर सीधे नागरिकता नहीं मिलती, लेकिन नागरिकता पाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। अगर शादी के बाद ग्रीन कार्ड मिल जाता है, तो कुछ मामलों में नागरिकता के लिए इंतजार की अवधि कम हो जाती है। हालांकि रिश्ते की सच्चाई साबित करना भी जरूरी होता है।
सेना और गोद लिए बच्चों को मौका
अमेरिकी सेना में सेवा देने वाले कुछ प्रवासियों को भी विशेष नियमों के तहत नागरिकता मिल सकती है। वहीं विदेश से गोद लिए गए बच्चों को भी कुछ शर्तों के आधार पर अमेरिकी नागरिकता दी जा सकती है। इन दोनों मामलों में अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं लागू होती हैं।
दस्तावेजों की रहती है अहम भूमिका
अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए कई जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। इनमें पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, ग्रीन कार्ड, निवास प्रमाण, विवाह संबंधी दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड और फिंगरप्रिंट जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। हर प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों की जरूरत अलग-अलग होती है।
ड्यूल सिटीजनशिप पर क्या है नियम?
अमेरिका दोहरी नागरिकता को स्वीकार करता है, लेकिन हर देश के नियम अलग होते हैं। उदाहरण के लिए भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता। अगर कोई भारतीय स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है।