Ram Mandir चढ़ावा विवाद में रोज नए खुलासे, अब चांदी के हार और चरण पादुका की मिस्ट्री ने बढ़ाई चिंता

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पिछले छह दिनों से जांच कर रही एसआईटी कई पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में कई लोग हैं और कुछ नाम भी सामने आ चुके हैं। आरोपों की हर एंगल से जांच की जा रही है, जिससे यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।

हार और चरण पादुका की नई मिस्ट्री

इस मामले में अब चांदी के हार और चरण पादुका को लेकर नया विवाद सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि रामलला को भेंट किए गए इन कीमती उपहारों की न तो कोई रसीद मौजूद है और न ही उनका स्पष्ट रिकॉर्ड मिल पाया है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि मंदिर से जुड़े इस मामले में अभी और कितनी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

महंत विनोद मिश्रा का बड़ा दावा

महंत विनोद मिश्रा ने दावा किया है कि उन्होंने करीब सवा किलो चांदी का हार और लगभग 300 ग्राम की चांदी की चरण पादुका मंदिर में भेंट की थी। उनका कहना है कि उन्हें इसके बदले कोई रसीद नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई महीनों तक रसीद और तस्वीर मांगने के बावजूद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

SIT जांच में कई लोग रडार पर

एसआईटी ने अब तक ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों से पूछताछ की है। जांच में यह भी सामने आया है कि दान की गिनती के लिए निजी एजेंसी की सेवाएं ली गई थीं, जिसने आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों की भर्ती की थी। कुछ नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और कई लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

बैंक और ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल

जांच में यह भी पता चला है कि गिनती की प्रक्रिया में कुछ प्रभावशाली लोगों की सिफारिश पर कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। आरोप हैं कि रकम में अंतर आने के बावजूद कुछ अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी। जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ बैंक कर्मचारी और अन्य लोग सीधे तौर पर गड़बड़ी में शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से सीसीटीवी फुटेज की फॉरेंसिक जांच की भी तैयारी की जा रही है।

लखनऊ लौटी SIT, रिपोर्ट का इंतजार

छह दिन तक अयोध्या में जांच करने के बाद एसआईटी की टीम वापस लखनऊ लौट गई है। सूत्रों के मुताबिक, टीम जल्द ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप सकती है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और जांच का दायरा भी बढ़ सकता है।

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Author: The Hindi Post