डायबिटीज से पीड़ित लोगों में कंधे की समस्या एक आम लेकिन कम जानी जाने वाली स्थिति है। अगर कंधे में दर्द, जकड़न या हाथ घुमाने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे आम भाषा में डायबिटीज शोल्डर और मेडिकल भाषा में फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है। यह धीरे-धीरे कंधे की मूवमेंट को सीमित कर सकता है और रोजमर्रा के काम मुश्किल बना देता है।
फ्रोजन शोल्डर क्या होता है
फ्रोजन शोल्डर एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे के जोड़ के आसपास के टिश्यू सख्त और मोटे हो जाते हैं। इसके कारण कंधे को हिलाना या घुमाना मुश्किल हो जाता है। शुरुआत में हल्का दर्द महसूस होता है, लेकिन समय के साथ जकड़न बढ़ती जाती है। यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है और लंबे समय तक परेशान कर सकती है।
डायबिटीज में क्यों बढ़ता है खतरा
डायबिटीज में लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से शरीर के टिश्यू प्रभावित होते हैं। अतिरिक्त ग्लूकोज कोलेजन प्रोटीन को नुकसान पहुंचाता है, जिससे टिश्यू अपनी लचक खो देते हैं। इससे कंधे का जोड़ भी सख्त होने लगता है। इसके अलावा सूजन और कम ब्लड फ्लो भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। रिसर्च के अनुसार डायबिटीज मरीजों में यह समस्या सामान्य लोगों से कई गुना ज्यादा पाई जाती है।
इलाज और बचाव के तरीके
फ्रोजन शोल्डर का इलाज मुख्य रूप से दर्द कम करने और मूवमेंट वापस लाने पर केंद्रित होता है। इसमें दर्द और सूजन कम करने की दवाएं दी जाती हैं। फिजियोथेरेपी और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज सबसे जरूरी मानी जाती हैं। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना भी बेहद जरूरी है। गंभीर मामलों में डॉक्टर इंजेक्शन या अन्य इलाज की सलाह दे सकते हैं। समय पर पहचान से इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।