अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब समझौते की उम्मीद बढ़ गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि समझौता पहले से कहीं ज्यादा करीब है और मीडिया को इसके कंटेंट को लेकर अटकलें लगाने से बचना चाहिए। अरागची के मुताबिक, प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी जरूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी।
डील को लेकर क्या कहा ईरान ने?
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जिम्मेदार कूटनीति के सिद्धांत पर काम कर रही है। इसलिए समझौते से जुड़ी जानकारी सही समय आने पर जनता के सामने रखी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी बातचीत जारी है और अंतिम दस्तावेज तैयार होने तक किसी भी तरह की अटकलें भ्रम पैदा कर सकती हैं। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी दावा किया जा रहा है कि दोनों देशों की टीमें समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुंच चुकी हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर बनी सहमति?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम प्रावधान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ईरान अपने कुछ परमाणु सामग्री (न्यूक्लियर मटीरियल) को हटाने और नष्ट करने पर सहमत हो सकता है। यह मुद्दा कई वर्षों से दोनों देशों के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया है कि समझौते के तहत ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने को तैयार है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से अभी तक अंतिम शर्तों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर
समझौते से जुड़ी एक और बड़ी बात होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने पर सहमत हो सकता है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि ईरान को उसके फ्रीज किए गए फंड तभी मिलेंगे, जब वह समझौते में तय की गई शर्तों को पूरी तरह पूरा करेगा। अगर यह डील सफल होती है, तो इससे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार आ सकता है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और मध्य पूर्व की स्थिरता पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।